मुख्य सामग्री पर जाएं
हिंदी संस्करण
पायनियर स्वतंत्र · निष्पक्ष · निर्भीक
फ़रीदाबाद

113 एमएम बारिश में डूबा फरीदाबाद, 50 से ज्यादा सड़कें जलमग्न

फरीदाबाद। पायनियर समाचार सेवा। जिले में चौथे दिन शनिवार को भी बरसात हुई, शुक्रवार रात तक 113 मिलीमीटर हुई। इस बारिश ने एक बार फिर फरीदाबाद की जल निकासी व्यवस्था और मानसून से पहले की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। शहर…

साझा करें WhatsAppFacebookX
113 एमएम बारिश में डूबा फरीदाबाद, 50 से ज्यादा सड़कें जलमग्न

फरीदाबाद। पायनियर समाचार सेवा। जिले में चौथे दिन शनिवार को भी बरसात हुई, शुक्रवार रात तक 113 मिलीमीटर हुई। इस बारिश ने एक बार फिर फरीदाबाद की जल निकासी व्यवस्था और मानसून से पहले की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। शहर की 50 से अधिक सड़कें और प्रमुख मार्ग जलमग्न हो गए, कई कॉलोनियों में घरों तक पानी पहुंच गया और राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख सड़कों पर घंटों जाम लगा रहा। हालात यह रहे कि सामान्य तौर पर 10 मिनट में पूरा होने वाला सफर लोगों को एक से दो घंटे में तय करना पड़ा।

सबसे चिंताजनक स्थिति ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास में रही, जहां कई फीट पानी भरने से एक स्कूल बस और फॉर्च्यूनर कार फंस गई। गनीमत रही कि बस में बच्चे सवार नहीं थे। चालक और कर्मचारी जान बचाने के लिए बस की छत पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में फॉर्च्यूनर के करीब 60 वर्षीय चालक को भी स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

चार अंडरपास बंद, पुलिस तैनात:

जलभराव के कारण ओल्ड फरीदाबाद, ग्रीनफील्ड, महराजपुर और गुरुकुल रेलवे अंडरपास को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। पुलिस ने दोनों ओर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी। ओल्ड अंडरपास में फंसी स्कूल बस को देर रात बाहर निकाल लिया गया, जबकि फॉर्च्यूनर को शनिवार को बाहर निकालने का प्रयास किया जाना है।

डेढ़ फुट पानी में बंद हुए वाहन

सेक्टर-37 पेट्रोल पंप के पास डीएनडी-केएमपी एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर करीब एक किलोमीटर तक पानी भर गया। यहां लगभग डेढ़ फुट पानी होने के कारण कई ऑटो और दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। दिल्ली-आगरा हाईवे, नीलम-बीके रोड, अजरौंदा, मुजेसर मोड़, संजय कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, सेक्टर-14, सेक्टर-16, दयालबाग और विनय नगर समेत अनेक क्षेत्रों में जलभराव से लोग परेशान रहे।

हाईवे पर थमी रफ्तार:

बारिश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग और उससे जुड़े संपर्क मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जलभराव के कारण वाहन रेंगते हुए चलते रहे। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और जरूरी काम से निकले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

गई थी दो लोगों की जान:

ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में जलभराव का खतरा नया नहीं है। 13 सितंबर 2024 को इसी अंडरपास में पानी भरने के बाद एक एसयूवी डूब गई थी। हादसे में गुरुग्राम के निजी बैंक में कार्यरत मैनेजर पुण्यश्रेय शर्मा और कैशियर विराज द्विवेदी की मौत हो गई थी। दोनों की मौत दम घुटने से हुई थी। हादसे के बाद प्रशासन ने अंडरपास के मुहाने पर स्टील के गेट लगवाए थे, ताकि पानी भरने पर वाहनों को अंदर जाने से रोका जा सके। शुक्रवार को स्थिति यह रही कि गेट से पहले ही सात से आठ फीट तक पानी जमा हो गया। जिसमें कार और एक निजी स्कूूल की बस डूब गई।

सफाई के दावों पर फिर सवाल:

हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई, पंपों की व्यवस्था और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाने के दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद एक ही दिन की भारी बारिश में शहर के इतने बड़े हिस्से का जलमग्न होना व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है। शहरवासियों का कहना है कि अस्थायी तौर पर पानी निकालने की बजाय जलभराव का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

यमुना और अन्य जल स्रोतों की स्थिति

8 अगस्त 2026 दोपहर 12 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ताजेवाला से 11,090 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। वहीं ओखला बैराज, नई दिल्ली पर जलस्तर 201.35 मीटर (ऊपरी ओर) और 196.95 मीटर (निचली ओर) दर्ज किया गया तथा डिस्चार्ज 33,389 क्यूसेक रहा। ओखला बैराज का खतरे का स्तर 200.600 मीटर है, जबकि दर्ज ऊपरी जलस्तर इसके आसपास के आंकड़ों के अनुसार अभी चेतावनी स्तर से नीचे बताया गया है। ओखला बैराज पर अब तक का अधिकतम बाढ़ प्रवाह 3,72,225 क्यूसेक, 15 जुलाई 2023 को दर्ज किया गया था, जब ऊपरी ओर जलस्तर 200.80 मीटर था। वर्तमान आंकड़े उस ऐतिहासिक अधिकतम प्रवाह से काफी नीचे हैं। हिंडन बैराज, गाजियाबाद पर ऊपरी ओर जलस्तर 201.80 मीटर, निचली ओर 199.70 मीटर तथा डिस्चार्ज 4,454 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहां खतरे का स्तर 205.08 मीटर है। सुबह छह बजे तक हिंडन क्षेत्र में 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

अगले 24 घंटे भी भारी बारिश:

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी तेज बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में पहले से जलमग्न इलाकों, अंडरपासों और निचले क्षेत्रों में खतरा और बढ़ सकता है। नगर निगम फरीदाबाद के एक्सईएन ओमदत्त के अनुसार शहर में पानी निकासी का काम लगातार जारी है और जलभराव वाले स्थानों से पानी निकालने के लिए टीमें जुटी हुई हैं।