पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। बीकेटी थाना क्षेत्र में सीतापुर रोड स्थित सरैया गांव के पास कार में जले मिले शव की पहचान खुर्मनगर निवासी 32 वर्षीय मेडिकल कारोबारी अलमास हक के रूप में होने के बाद पुलिस की जांच और तेज हो गई है। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि अलमास गुरुवार रात किसी का फोन आने पर घर से निकले थे। इसके कुछ घंटे बाद उनकी कार हाईवे किनारे आग की लपटों में घिरी मिली। चालक सीट पर उनका जला हुआ शव बरामद हुआ। पुलिस हत्या, हादसा और आत्महत्या तीनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। गुरुवार देर रात सरैया गांव के पास हाईवे किनारे खड़ी जेन कार (यूपी 32 सीएस 0626) में आग लगने की सूचना पर पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची।

आग बुझाने के बाद चालक सीट पर युवक का कंकाल मिला। जिससे मृतक की पहचान नहीं हो पाने पर पुलिस ने कार नंबर के आधार पर जांच शुरू की। वाहन का पंजीकरण खुर्मनगर निवासी अलमास हक के नाम मिला। इसके बाद परिजनों को बुलाकर शव की शिनाख्त कराई गई। मृतक के पिता हमीदुल हक ने बताया कि अलमास अमीनाबाद में मेडिकल स्टोर चलाते थे। गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे किसी का फोन आने पर वह कार लेकर घर से निकले थे। करीब दस मिनट बाद उनके एक दोस्त से बात हुई थी,जिसमें उन्होंने जल्द लौटने की बात कही थी।
इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका।रात करीब सवा बारह बजे पुलिस घर पहुंची और परिवार को बीकेटी थाने बुलाया।वहां जाकर उन्हें घटना की जानकारी मिली। परिजनों ने बताया कि अलमास की किसी से कोई रंजिश या विवाद नहीं था। परिवार में पत्नी इकरा और तीन वर्ष की बेटी है। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अलमास को किसने फोन किया था और वह किससे मिलने निकले थे। उनकी कॉल डिटेल,मोबाइल लोकेशन और अंतिम समय की गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है।
घटनास्थल तक जाने वाले मार्गों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जिस स्थान पर कार जली मिली, वहां आसपास दूर-दूर तक आबादी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि कार कुछ देर तक सड़क किनारे खड़ी रही, फिर उसमें आग की लपटें उठने लगीं। इससे घटना को लेकर संदेह और गहरा गया है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आग लगने के समय अलमास कार में जीवित थे या उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी। एसीपी बीकेटी विकास पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।










