लखनऊ: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश में बुनकरों और हथकरघा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को सम्मानित किया और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोकभवन में लगाए गए हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और प्रदेश की पारंपरिक बुनकरी कला की सराहना की।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही हैंडलूम और पावरलूम क्षेत्र से जुड़े लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। सरकार की ओर से इस पहल का उद्देश्य बुनकरों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ उनकी पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार से जोड़ना है।
हथकरघा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के हथकरघा उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण समझौते भी किए गए। टाटा समूह की टनेरा समेत विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन समझौतों से प्रदेश के बुनकरों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और निर्यात को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं हथकरघा क्षेत्र से जुड़े मंत्री राकेश सचान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राधा-कृष्ण की कलाकृति भेंट की। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में तीन लाख से अधिक हथकरघे संचालित हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि बुनकरों को तकनीकी सुविधा, आर्थिक सहायता और बाजार उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार किया जाए।
बुनकरों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की कोशिश
राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार हथकरघा और पावरलूम बुनकरों के सशक्तीकरण के लिए योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के माध्यम से अब तक हजारों बुनकरों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। सरकार का जोर बुनकरों को केवल पारंपरिक कार्य तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने पर भी है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य हथकरघा निगम ने इस वर्ष 38 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया है। इससे हथकरघा क्षेत्र में सरकारी संस्थाओं की आर्थिक गतिविधियों और बाजार विस्तार की संभावनाओं को भी बल मिलने की उम्मीद है।
PM मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क से मिलेगी नई रफ्तार
कार्यक्रम में प्रदेश के वस्त्र उद्योग के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि PM मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क और संत कबीर टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर को नई गति देंगी। इन परियोजनाओं के जरिए निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सरकार का लक्ष्य हथकरघा क्षेत्र को स्थानीय बाजार से आगे ले जाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाना है। बुनकरों की पारंपरिक कला, आधुनिक तकनीक, बेहतर डिजाइन और वैश्विक बाजार के बीच समन्वय स्थापित कर उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश के बुनकर समुदाय के लिए सरकार की नीतियों और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।