दस जून को जिंदा समाधि लेने के ऐलान से हड़कंप
पायनियर संवाददाता। पीलीभीत
बिलसंडा थाना क्षेत्र स्थित लंगड़े बाबा आश्रम के महंत सत्यगिरि महाराज अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मांगें पूरी न होने से नाराज महंत ने 10 जून को जिंदा समाधि लेने की घोषणा कर दी है। रविवार को उन्होंने समाधि के लिए स्थान चिन्हित कर विधि-विधान से भूमि पूजन भी कराया,जो क्षेत्र में चर्चा विषय है। महंत सत्यगिरि महाराज का कहना है कि करीब दो महीने पहले उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार, आश्रम परिसर स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण, शौचालय निर्माण तथा नहर पुलिया से मंदिर तक जाने वाली लगभग 100 मीटर सड़क बनवाने की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखी थी। हालांकि उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
महंत के अनुसार जब उन्होंने जिंदा समाधि लेने की चेतावनी दी थी, तब प्रशासन हरकत में आया और बिलसंडा के खंड विकास अधिकारी अमित शुक्ला, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया था। लेकिन आश्वासनों के बावजूद मांगें पूरी नहीं हुईं, जिसके बाद उन्होंने दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया। महंत सत्यगिरि ने बताया कि करीब 20 दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर अपनी पीड़ा व्यक्त की थी। उन्होंने यहां तक कहा था कि यदि सरकारी मदद नहीं मिली तो वह अपनी किडनी बेचकर मंदिर का जीर्णोद्धार कराएंगे। इस संबंध में उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, लेकिन इसके बावजूद उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
अब 21 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे महंत ने 10 जून को जिंदा समाधि लेने का निर्णय लिया है। रविवार को समाधि स्थल के लिए भूमि पूजन किए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते मामले का समाधान निकालना चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। वहीं महंत सत्यगिरि महाराज अपने फैसले पर अड़े हुए हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन महंत की मांगों पर गंभीरता से विचार कर कोई समाधान निकालेगा, या फिर किसी अनहोनी के बाद ही प्रशासन जागेगा । 10 जून नजदीक आने के साथ यह मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
पूरी मामले पर जब एसडीएम बीसलपुर नागेंद्र पांडे से वार्ता की तो उन्होंने बताया पत्र मिलने के बाद शनिवार को नयाब तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर गए थे। उनके द्वारा समझाने पर वह मान गए थे,जिस विभाग से मंदिर का विकास कार्य किया जाएगा।उस विभाग को भी पत्र भेजा गया है । जल्द मंदिर का विकास कार्य करवाया जाएगा।










