युवती व पिता गिरफ्तार, नौ लोगों पर मुकदमा
ब्यूरो सन्नी गर्ग। शामली
शहर के मोहल्ला काजीवाड़ा में एक युवक को प्रेमजाल में फंसाकर कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराने, ब्लैकमेल करने और परिवार पर दबाव बनाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी युवती और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस के अनुसार चार जून को विभिन्न माध्यमों से सूचना मिली थी कि काजीवाड़ा क्षेत्र के कुछ लोग एक युवक को अपने प्रभाव में लेकर उसका धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे हैं। मामले की जांच के बाद मोहल्ला दयानंद नगर निवासी देवराज मलिक ने छह जून को कोतवाली शामली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनके पुत्र आयुष मलिक को योजनाबद्ध तरीके से प्रेमजाल में फंसाया गया और बाद में उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपी पक्ष ने करीब चार वर्ष पुराना एक कथित निकाहनामा दिखाकर युवक और उसके परिवार पर दबाव बनाया। साथ ही परिवार से अनुचित मांगें की गईं और इस्लाम धर्म स्वीकार करने के लिए मजबूर किया गया।
विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने चांदनी कुरैशी, राहिल कुरैशी, सुमाईला कुरैशी, राबिया कुरैशी, आस मोहम्मद उर्फ आसू कुरैशी, हुमा कुरैशी, इस्लाम कुरैशी, सलीम उर्फ भोला और एक मौलवी समेत नौ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रविवार को कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी आजाद चौक स्थित काजीवाड़ा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों से पूछताछ की जा रही है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित की गईं टीमें
अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी नगर जितेंद्र यादव के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सचिन कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को दबोचा। पुलिस के अनुसार मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के आरोप हैं, जिनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।










