पायनियर संवाददाता। पीलीभीत
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में तबादला नीति के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। विभाग में कई जूनियर इंजीनियर (जेई) वर्षों से एक ही जनपद और खंड में तैनात हैं, जबकि शासन समय-समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए स्पष्ट नीति जारी करता रहा है। सूत्रों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड में करीब पांच और निर्माण खंड में तीन जूनियर इंजीनियर लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं।

ऐसे में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि तबादला नीति के बावजूद इन अधिकारियों का स्थानांतरण क्यों नहीं हो सका। विभागीय जानकारों का मानना है कि निर्माण कार्यों, परियोजनाओं की निगरानी और ठेकों से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर लंबे समय तक एक ही अधिकारी के बने रहने से निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर प्रभाव और साठगांठ की आशंकाएं भी बढ़ जाती हैं, इसका असर विकास कार्यों की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। मामला सामने आने के बाद अब निगाहें विभाग के उच्चाधिकारियों पर टिकी हैं। वहीं प्रशासनिक हलकों में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
रिपोर्ट- अदनान खान










