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भूमि का सपना पूरा होने के अगले ही दिन दुनिया छोड़ गए 72 वर्षीय रामचंद्र

भूमि का सपना पूरा होने के अगले ही दिन दुनिया छोड़ गए 72 वर्षीय रामचंद्र

पीलीभीत। मुख्यमंत्री के हाथों भूमि का मालिकाना हक मिलने की खुशी एक बुजुर्ग किसान के लिए जीवन का अंतिम सुखद पल साबित हुई। सोमवार को मुख्यमंत्री से भूमि अधिकार प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाले 72 वर्षीय किसान रामचंद्र का मंगलवार तड़के अचानक निधन हो गया। घटना से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
पूरनपुर तहसील के हजारा क्षेत्र स्थित गांव रामनगर निवासी रामचंद्र (72) सोमवार को बरखेड़ा के पतरासा कुंवरपुर में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां मुख्यमंत्री ने उन्हें भूमि का मालिकाना हक (भूमिधरी अधिकार) का प्रमाणपत्र सौंपा था। करीब 55 वर्षों से जिस जमीन पर अधिकार का इंतजार था, वह सपना आखिरकार पूरा हुआ।

परिजन बताते हैं कि प्रमाणपत्र लेकर घर लौटने के बाद रामचंद्र बेहद खुश थे। लेकिन मंगलवार भोर सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। उनके निधन से परिवार गहरे सदमे में है। उनके पुत्र जवाहरलाल समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एसडीएम पूरनपुर अजीत प्रताप सिंह ने बुजुर्ग किसान के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन को अवगत कराया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रामचंद्र पहले स्वस्थ थे, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया।

भूमि अधिकार मिलने के अगले ही दिन रामचंद्र के निधन की खबर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों का इंतजार खत्म होने की खुशी तो मिली, लेकिन उस खुशी का आनंद वह अधिक समय तक नहीं ले सके।

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