बोगोटा (कोलंबिया)। लातिन अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार को 7.4 तीव्रता के जोरदार भूकंप में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका है। भूकंप में दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गर्इं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। देश के पश्चिमी हिस्से में भूकंप के तेज झटके महसूस किये गए और लोगों को घबराहट में अपने घरों एवं इमारतों से बाहर निकलने को मजबूर होना पड़ा। भूकंप के झटके पड़ोसी इक्वाडोर में भी महसूस किये गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) और कोलंबिया की संबंधित एजेंसी ने बताया कि भूकंप का केंद्र सैन होजÞे डेल पाल्मार में था। यह जगह कोलंबिया की राजधानी बोगोटा से लगभग 400 किलोमीटर पश्चिम में चोको क्षेत्र में है।
यूएसजीएस के मुताबिक भूकंप का केंद्र सतह से 107 किलोमीटर की गहराई पर था। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि पेरेइरा शहर में कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है, जबकि मनीजालेस में दो लोगों की जान गई। मनीजालेस शहर में एक गिरजाघर का टावर ढहकर उसके मुख्य प्रार्थना कक्ष पर जा गिरा। मनीजालेस के मेयर जॉर्ज एडुआर्दो रोजास ने कहा कि भूकंप के कारण शहर में दो लोगों की मौत हुई है। उन्होंने लोगों से भूकंप के बाद आने वाले झटकों के खतरे को देखते हुए घरों से बाहर रहने की अपील की। चोको की गवर्नर नूबिया कॉर्डोबा ने सोशल मीडिया पर कहा कि क्षेत्रीय राजधानी क्विब्दो में लोग घायल हुए हैं और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय मीडिया संस्थानों द्वारा साझा किए गए वीडियो में पेरेइरा, कैली और क्विब्दो शहरों में कई मकान क्षतिग्रस्त दिखे हैं। कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने कहा कि देश में आए भूकंप के बाद सैन जोस डेल पालमार में पैदा हुए आपात हालात से निपटने के लिए उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सरकार की कार्रवाई की कमान संभाल ली है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों में राहत के लिए काम कर रही है। इससे पहले जून के आखिर में वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप में सैकड़ों इमारतें नष्ट हो गई थी और 5,000 से अधिक लोगों की जान गई थी।