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गन्ने के खेत से चीनी मिल तक… चौराहा बताएगा मुजफ्फरनगर की ‘शुगर बाउल’ कहानी

-शहर के सौंदर्यीकरण की तैयारी तेज, भोपा रोड बाईपास पर बनेगा शुकतीर्थ द्वार, रामपुर तिराहे पर भी प्रस्तावित भव्य प्रवेश द्वार मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर को देश भर में ‘शुगर बाउल’ के नाम से पहचान दिलाने वाली गन्ने और चीनी उद्योग की कहानी अब…

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गन्ने के खेत से चीनी मिल तक… चौराहा बताएगा मुजफ्फरनगर की ‘शुगर बाउल’ कहानी
-शहर के सौंदर्यीकरण की तैयारी तेज, भोपा रोड बाईपास पर बनेगा शुकतीर्थ द्वार, रामपुर तिराहे पर भी प्रस्तावित भव्य प्रवेश द्वार
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर को देश भर में ‘शुगर बाउल’ के नाम से पहचान दिलाने वाली गन्ने और चीनी उद्योग की कहानी अब शहर के प्रमुख चौराहे पर नजर आएगी। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने शहर की पहचान, इतिहास, संस्कृति और धार्मिक विरासत को केंद्र में रखते हुए व्यापक सौंदर्यीकरण की योजना तैयार करनी शुरू कर दी है। योजना के तहत प्रमुख चौराहों और शहर के प्रवेश मार्गों को आकर्षक स्वरूप देने की तैयारी है।
एमडीए उपाध्यक्ष प्रणता ऐश्वर्या के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित एक प्रमुख चौराहे पर गन्ने की खेती से लेकर चीनी और गुड़ तैयार होने तक का सफर कलात्मक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। यहां गन्ने की फसल, किसान, गन्ने की कटाई, खेत से चीनी मिल तक गन्ना पहुंचने और मिल में उससे चीनी तैयार होने की प्रक्रिया को मूर्तियों व आकर्षक संरचनाओं के माध्यम से दर्शाने की योजना है। उद्देश्य केवल चौराहे को सुंदर बनाना नहीं, बल्कि यहां से गुजरने वाले लोगों को मुजफ्फरनगर की कृषि और चीनी उद्योग से जुड़ी पहचान से रूबरू कराना है। एमडीए शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों को भी नई पहचान देने की तैयारी में है। भोपा रोड बाईपास पर शुकतीर्थ के नाम से भव्य प्रवेश द्वार प्रस्तावित किया गया है।
वहीं रामपुर तिराहे स्थित महिला चौक पर भी आकर्षक और बड़े प्रवेश द्वार बनाने की योजना है। इन द्वारों के डिजाइन में स्थानीय धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को प्रमुखता देने का प्रयास किया जाएगा। शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों को चिह्नित कर उनके सौंदर्यीकरण की योजना बनाई जा रही है। यहां आकर्षक संरचनाओं के साथ हरियाली और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार विकास और सौंदर्यीकरण के कार्य भी कराए जाएंगे। एमडीए उपाध्यक्ष प्रणता ऐश्वर्या ने कहा कि प्राधिकरण का प्रयास शहर को व्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप देने के साथ मुजफ्फरनगर की विशिष्ट पहचान को भी सामने लाना है। सौंदर्यीकरण की योजनाओं में जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और कृषि आधारित विरासत को शामिल किया जाएगा। प्रयास है कि शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को प्रमुख मार्गों और चौराहों पर ही मुजफ्फरनगर की अलग पहचान दिखाई दे। योजनाएं धरातल पर उतरने के बाद शहर के प्रमुख चौराहों और प्रवेश मार्गों का स्वरूप बदलने की उम्मीद है। इससे जहां शहर की सुंदरता बढ़ेगी, वहीं मुजफ्फरनगर की ‘शुगर बाउल’ के रूप में पहचान को भी नया और आकर्षक स्वरूप मिलेगा।