भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र के पहले दिन हंगामा, जंगलचट्टी में प्रदर्शनकारियों ने रोका रास्ता

गैरसैंण। भराड़ीसैंण में उत्तराखंड विधानसभा सत्र के पहले ही दिन विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शन से प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गईं। विधानसभा जाने वाले मुख्य मार्ग पर जंगलचट्टी बैरिकेडिंग के पास प्रधान संगठन, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और स्वराज अभियान से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शन के चलते मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और विधानसभा पहुंचने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा मीडियाकर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने ग्राम प्रधानों की लंबित मांगों, गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने और विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना था कि प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए केवल दो दिन का विधानसभा सत्र पर्याप्त नहीं है।
छह महीने से मांगों के समाधान का इंतजार: प्रधान संगठन
प्रधान संगठन के अध्यक्ष आनंद सिंह चौहान ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन पिछले करीब छह महीने से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि सचिवालय कूच के दौरान मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि मनरेगा से जुड़े मुद्दे, ग्राम प्रधानों का मानदेय और अन्य लंबित मांगें संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
प्रधान संगठन के उपाध्यक्ष सुरेश उनियाल ने कहा कि दो दिन के विधानसभा सत्र में प्रदेश के गंभीर मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से कम से कम 10 से 15 दिन का सत्र आयोजित करने की मांग की। उनके अनुसार, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के उत्पीड़न, अंकिता भंडारी हत्याकांड, भू-कानून, स्थानीय लोगों के अधिकार और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने जैसे विषयों पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए।
बेरोजगारी और श्रमिकों की मजदूरी का मुद्दा भी उठाया
स्वराज अभियान से जुड़े सुरेश चंद्र और रमेश जोशी ने भी विधानसभा सत्र की अवधि कम रखे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा, भू-कानून और श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी जैसे मुद्दे प्रदेश की जनता से सीधे जुड़े हैं। ऐसे विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच गंभीर चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कम अवधि के सत्र के कारण जनता से जुड़े कई अहम सवालों को उचित समय नहीं मिल पाता है। उन्होंने सरकार से जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग की।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग दोहराई
उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड राज्य आंदोलन की भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है और इसे स्थायी राजधानी बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है।
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों के विकास, स्थानीय लोगों के अधिकारों और पहाड़ों की समस्याओं के समाधान को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल करने की मांग की। साथ ही राजधानी के मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय लेने की बात कही।
पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
जंगलचट्टी में बैरिकेडिंग के पास हुए प्रदर्शनों के चलते विधानसभा की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। विधानसभा सत्र के पहले दिन हुए इन प्रदर्शनों ने ग्राम प्रधानों की मांगों, सत्र की अवधि और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया।



