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डिवाइडर से टकराकर पलटा ट्रक, चालक की जिंदा जलकर मौत

-शामली में मेरठ-करनाल हाईवे पर देर रात हादसा, केबिन में फंसा था चालक, दो घंटे में बुझी आग शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर करनाल बॉर्डर के पास बुधवार देर रात तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन में…

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डिवाइडर से टकराकर पलटा ट्रक, चालक की जिंदा जलकर मौत
-शामली में मेरठ-करनाल हाईवे पर देर रात हादसा, केबिन में फंसा था चालक, दो घंटे में बुझी आग
शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर करनाल बॉर्डर के पास बुधवार देर रात तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन में पलट गया। इसके बाद ट्रक में भीषण आग लग गई। केबिन में फंसा चालक बाहर निकलने की कोशिश करता रहा, लेकिन हाथ फंस जाने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। आग की चपेट में आने से चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। तीन दमकल वाहनों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हादसा रात करीब 11:15 बजे जिंजाना थाना क्षेत्र में बिडौली गुरुद्वारे के सामने हुआ। हरियाणा के करनाल निवासी पिंदर सिंह (45) मुजफ्फरनगर से चावल की बोरियां लादकर करनाल जा रहा था। बताया गया कि तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक डिवाइडर को पार करते हुए दूसरी लेन में पलट गया। ट्रक के पलटते ही उसमें से चिंगारियां निकलने लगीं। कुछ ही सेकेंड में आग ने विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक केबिन से निकलने का प्रयास कर रहा था, लेकिन उसका एक हाथ फंस जाने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। आग इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग भी उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। आग की लपटें करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं। सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक आग बुझाने का प्रयास चलता रहा। आग पर काबू पाने के बाद केबिन से चालक का जला हुआ शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों को सूचना दी। पिंदर सिंह करीब 20 से 22 साल से ट्रक चलाता था। पिछले करीब पांच वर्षों से वह अश्विनी के ट्रक संख्या HR-45B-4329 पर चालक था। पिंदर के परिवार में पत्नी और दो बच्चे 14 वर्षीय मनप्रीत कौर और 13 वर्षीय हरप्रीत हैं। हादसे की सूचना के बाद पिंदर के परिजन मौके पर पहुंचे। बड़े भाई सतनाम सिंह ने बताया कि पिता इंद्रजीत सिंह की बचपन में ही मौत हो गई थी। उन्होंने छोटे भाइयों और बहन को अपने बच्चों की तरह पाला था। हादसे से कुछ समय पहले ही पिंदर से फोन पर बात हुई थी। उसने बताया था कि मुजफ्फरनगर से गाड़ी लेकर चल पड़ा है और जल्द घर पहुंच जाएगा। कुछ देर बाद ही परिवार को उसके हादसे की खबर मिली। ट्रक मालिक अश्विनी ने बताया कि पिंदर करीब पांच साल से उनका ट्रक चला रहा था। ट्रक में मुजफ्फरनगर से चावल की बोरियां लदी थीं और उन्हें करनाल पहुंचाया जाना था। हादसे की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।