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म्यूल खातों के जाल से 102 करोड़ के लेनदेन का खुलासा, दो गिरफ्तार

ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत जहानाबाद पुलिस की कार्रवाई, 200 साइबर शिकायतों से जुड़े तार, छह मोबाइल, लैपटॉप समेत बैंकिंग दस्तावेज बरामद पायनियर संवाददाता। पीलीभीत ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत जहानाबाद पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित किए जा रहे संदिग्ध साइबर…

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म्यूल खातों के जाल से 102 करोड़ के लेनदेन का खुलासा, दो गिरफ्तार

ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत जहानाबाद पुलिस की कार्रवाई, 200 साइबर शिकायतों से जुड़े तार, छह मोबाइल, लैपटॉप समेत बैंकिंग दस्तावेज बरामद

पायनियर संवाददाता। पीलीभीत

ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत जहानाबाद पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए संचालित किए जा रहे संदिग्ध साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक बैंकिंग विश्लेषण में तीन खातों से करीब 102.54 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का विवरण सामने आया है। इन खातों से देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज करीब 200 साइबर शिकायतों के तार जुड़े मिले हैं। संबंधित खातों में उपलब्ध करीब पांच लाख रुपये की धनराशि को होल्ड कराया गया है।

रविवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता करते हुए सीओ सदर आईपीएस नताशा गोयल ने बताया कि जुलाई माह में जहानाबाद थाने में साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने खातों और लेनदेन की जांच आगे बढ़ाई तो नेटवर्क का पता चला। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहल्ला विलई पसियापुर निवासी मोहसिन पुत्र अमजद और बरेली के भोजीपुरा क्षेत्र के हरवंशपुर लक्ष्मनियापुर निवासी राहुल पुत्र मेघनाद के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 16 कूटरचित आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, सात चेकबुक और 10 बैंक पासबुक बरामद की हैं। जांच में सामने आया कि लोगों को 47 बेट गेमिंग प्लेटफॉर्म और विभिन्न निवेश योजनाओं के जरिए रकम लगाकर मुनाफा कमाने का लालच दिया जाता था। साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।पुलिस के मुताबिक, गिरोह गरीब और सीधे-सादे लोगों को सरकारी योजना के तहत खाता खुलवाने अथवा आर्थिक लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके आधार, पैन और सिम समेत दस्तावेज हासिल करता था। इन्हीं दस्तावेजों से खाते खुलवाकर एटीएम, चेकबुक और पासबुक अपने कब्जे में ले ली जाती थी।

तीन खातों में सामने आया बड़ा लेनदेन

बैंकिंग विश्लेषण में हारून के खाते से जुड़ी 85 शिकायतों में करीब 42.54 करोड़, मोहसिन के खाते से 15 शिकायतों में करीब 32 करोड़ और राहुल के खाते से जुड़ी 34 शिकायतों में करीब 28 करोड़ रुपये के लेनदेन का विवरण मिला है। पुलिस इसे प्रारंभिक विश्लेषण बता रही है और वास्तविक ठगी की रकम व मनी ट्रेल की जांच कर रही है। दानिश की शिकायत से शुरू हुई जांच में कई स्थानीय लोगों के खातों के भी संदिग्ध इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, ऐसे खातों में 50 लाख रुपये से अधिक के साइबर फ्रॉड संबंधी लेनदेन मिले हैं।

दो अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने विशाल मौर्य और फरमान पुत्र अफसर खां की भूमिका सामने आने की बात कही है। दोनों की तलाश में टीमें जुटी हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डिजिटल डाटा का एफएसएल परीक्षण कराया जा रहा है। साथ ही अन्य बैंक खातों, म्यूल खाते उपलब्ध कराने वालों और साइबर ठगी से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक जहानाबाद जयशंकर सिंह, उप निरीक्षक निशांत कुमार, उप निरीक्षक अमर कुमार, उप निरीक्षक देवेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल अंकुर साइबर सेल, कांस्टेबल शिवाधर, कांस्टेबल सत्यजीत, कांस्टेबल चिराग बालियान, कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल रोहित कुमार, कांस्टेबल प्रशांत, कांस्टेबल आतिफ, कांस्टेबल मनोज शामिल रहे।