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सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर,दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

सूरतगंज,बाराबंकी: सरयू नदी के जलस्तर में लगातार दूसरे दिन भी बढ़ोतरी जारी है। सोमवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.480 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही…

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सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर,दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

सूरतगंज,बाराबंकी: सरयू नदी के जलस्तर में लगातार दूसरे दिन भी बढ़ोतरी जारी है। सोमवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.480 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही रामनगर तहसील के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। सोमवार को गिरजा बैराज से 2.29 लाख क्यूसेक और शारदा बैराज से 1,35,667 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

रामनगर तहसील क्षेत्र के सुंदरनगर, ललपुरवा, कोडरी और बेलहरी गांवों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है। वहीं हेतमापुर, बलईपुर, बाबापुरवा, मदरहा और सरसंडा समेत कई गांव पानी से घिर गए हैं। इन गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर भी पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।

तटबंध पर पहुंचे प्रभावित परिवार

बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित सुंदरनगर गांव के करीब 30 परिवारों ने सुरक्षित स्थान की तलाश में तटबंध पर शरण ली है। तहसील प्रशासन की ओर से इन परिवारों के रहने के लिए तिरपाल उपलब्ध कराए गए हैं। प्रभावित लोगों के भोजन के लिए पूड़ी-सब्जी की व्यवस्था भी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आसपास के अन्य गांवों में भी स्थिति गंभीर हो सकती है।

लीकेज नाव से जान जोखिम में डाल रहे बाढ़ पीड़ित
सुंदरनगर गांव में बाढ़ का पानी घरों में पहुंचने के बाद प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य के लिए नावें लगाई गई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राहत के लिए लगाई गई कुछ नावों में लीकेज है, जिससे नाव के अंदर पानी भर रहा है। बाढ़ के बीच घरों से जरूरी सामान निकालकर तटबंध तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नावों की जांच कर दुरुस्त कराने की मांग की है।

 

एडीएम और सीएमओ ने लिया बाढ़ के हालात का जायजा

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सोमवार को अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने एसडीएम रामनगर आकांक्षा गुप्ता के साथ सुंदरनगर और बतनेरा क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों की स्थिति, नावों की व्यवस्था और राहत कार्यों की जानकारी ली। एडीएम ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।वहीं सीएमओ डॉ. रजन गौतम ने सीएचसी सूरतगंज के अधीक्षक डॉ. राजर्षि त्रिपाठी के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की जानकारी लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

“सुंदरनगर और ललपुरवा गांव के कुछ घरों में बाढ़ का पानी पहुंचा है, जबकि अन्य गांवों के किनारे तक पानी आया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है। सुंदरनगर के करीब 30 परिवार तटबंध पर शरण लिए हैं। उनके रहने के लिए तिरपाल और भोजन की व्यवस्था की गई है। राजस्वकर्मियों एवं लेखपालों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन की टीम नदी के जलस्तर और तटवर्ती गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
विपुल सिंह तहसीलदार रामनगर

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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