स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
भारत 10 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर सकता है: सीतारमणशीर्ष नौ शहरों में जुलाई-सितंबर के बीच आवास बिक्री छह प्रतिशत घटकर 1.03 लाख इकाई परअर्श मोहम्मद पुरुष युगल सेमीफाइनल में, कायम रखी यूपी की चुनौतीएएमआर से मुकाबले में फार्मासिस्टों की भूमिका अहमसत्यम प्रताप सिंह निर्देशित नाटक 'आखिरी तमाशा' ने बांधा समांतूफान के कारण छप्पर के मकान पर पेड़ गिरने से 01 की मौत, 05 घायलयोगी सरकार की सख्ती का असर, 2.30 करोड़ की अवैध हेरोइन-स्मैक के साथ चार तस्कर गिरफ्तारमोदी-योगी सरकार ने बदली काशी की तस्वीर, 13 वर्षों में 52.71 करोड़ पर्यटकों ने किया भ्रमणदिल्ली-एनसीआर में बारिश ने गिराया पारा, ठंडी हवाओं से मिली राहतजल पुलिस जवान की गौसेवा को गौ सेवा आयोग अध्यक्ष ने सराहाभारत 10 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर सकता है: सीतारमणशीर्ष नौ शहरों में जुलाई-सितंबर के बीच आवास बिक्री छह प्रतिशत घटकर 1.03 लाख इकाई परअर्श मोहम्मद पुरुष युगल सेमीफाइनल में, कायम रखी यूपी की चुनौतीएएमआर से मुकाबले में फार्मासिस्टों की भूमिका अहमसत्यम प्रताप सिंह निर्देशित नाटक 'आखिरी तमाशा' ने बांधा समांतूफान के कारण छप्पर के मकान पर पेड़ गिरने से 01 की मौत, 05 घायलयोगी सरकार की सख्ती का असर, 2.30 करोड़ की अवैध हेरोइन-स्मैक के साथ चार तस्कर गिरफ्तारमोदी-योगी सरकार ने बदली काशी की तस्वीर, 13 वर्षों में 52.71 करोड़ पर्यटकों ने किया भ्रमणदिल्ली-एनसीआर में बारिश ने गिराया पारा, ठंडी हवाओं से मिली राहतजल पुलिस जवान की गौसेवा को गौ सेवा आयोग अध्यक्ष ने सराहा

सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर,दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर,दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

सूरतगंज,बाराबंकी: सरयू नदी के जलस्तर में लगातार दूसरे दिन भी बढ़ोतरी जारी है। सोमवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.480 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही रामनगर तहसील के तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। सोमवार को गिरजा बैराज से 2.29 लाख क्यूसेक और शारदा बैराज से 1,35,667 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

रामनगर तहसील क्षेत्र के सुंदरनगर, ललपुरवा, कोडरी और बेलहरी गांवों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है। वहीं हेतमापुर, बलईपुर, बाबापुरवा, मदरहा और सरसंडा समेत कई गांव पानी से घिर गए हैं। इन गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर भी पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।

तटबंध पर पहुंचे प्रभावित परिवार

बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित सुंदरनगर गांव के करीब 30 परिवारों ने सुरक्षित स्थान की तलाश में तटबंध पर शरण ली है। तहसील प्रशासन की ओर से इन परिवारों के रहने के लिए तिरपाल उपलब्ध कराए गए हैं। प्रभावित लोगों के भोजन के लिए पूड़ी-सब्जी की व्यवस्था भी की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। यदि जलस्तर में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आसपास के अन्य गांवों में भी स्थिति गंभीर हो सकती है।

लीकेज नाव से जान जोखिम में डाल रहे बाढ़ पीड़ित
सुंदरनगर गांव में बाढ़ का पानी घरों में पहुंचने के बाद प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य के लिए नावें लगाई गई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राहत के लिए लगाई गई कुछ नावों में लीकेज है, जिससे नाव के अंदर पानी भर रहा है। बाढ़ के बीच घरों से जरूरी सामान निकालकर तटबंध तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नावों की जांच कर दुरुस्त कराने की मांग की है।

 

एडीएम और सीएमओ ने लिया बाढ़ के हालात का जायजा

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सोमवार को अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह ने एसडीएम रामनगर आकांक्षा गुप्ता के साथ सुंदरनगर और बतनेरा क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों की स्थिति, नावों की व्यवस्था और राहत कार्यों की जानकारी ली। एडीएम ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।वहीं सीएमओ डॉ. रजन गौतम ने सीएचसी सूरतगंज के अधीक्षक डॉ. राजर्षि त्रिपाठी के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की जानकारी लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

“सुंदरनगर और ललपुरवा गांव के कुछ घरों में बाढ़ का पानी पहुंचा है, जबकि अन्य गांवों के किनारे तक पानी आया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है। सुंदरनगर के करीब 30 परिवार तटबंध पर शरण लिए हैं। उनके रहने के लिए तिरपाल और भोजन की व्यवस्था की गई है। राजस्वकर्मियों एवं लेखपालों को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन की टीम नदी के जलस्तर और तटवर्ती गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।
विपुल सिंह तहसीलदार रामनगर

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें