थापी से शुरू हुआ सफर, धोनी से मिली सीख… समीर-आर्यन ने सुनाई सफलता की कहानी

एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में डॉ. संजय कपूर ने किया यूपी टी-20 लीग ट्रॉफी टूर  का शुभारंभ

 

लखनऊ, पायनियर । तालियों की गूंज, स्टूडेंट्स का जोश और क्रिकेट सितारों की मौजूदगी के बीच यूपी टी-20 लीग सीजन -4 के छह दिवसीय विशेष ट्रॉफी टूर अभियान का शानदार आगाज़ एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, सीतापुर रोड से हुआ।यूपी टी-20 लीग की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आईपीएल स्टार समीर रिजवी और उत्तर प्रदेश रणजी टीम के कप्तान आर्यन जुयाल भी मौजूद रहे।कार्यक्रम में एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के वाइस चेयरमैन पीयूष सिंह चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया।

 

संवाद सत्र के दौरान क्रिकेट सितारों ने स्टूडेंट्स के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने सफलता के पीछे अनुशासन, फिटनेस, निरंतर मेहनत और धैर्य के महत्व पर जोर दिया तथा खेल और करियर से जुड़े स्टूडेंट्स के सवालों के खुलकर जवाब दिए। खिलाड़ियों के साथ सेल्फी लेने और ट्रॉफी के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए भी स्टूडेंट्स में उत्साह देखते ही बन रहा था।अपने संबोधन में डॉ. संजय कपूर ने कहा कि यूपी टी-20 लीग के पीछे उनके मार्गदर्शक राजीव शुक्ला का विजन है। उन्होंने कहा कि यूपी टी-20 लीग आज आईपीएल के बाद देश की चर्चित घरेलू क्रिकेट लीगों में अपनी अलग पहचान बना चुकी है और मेरा लक्ष्य इसे देश की सबसे बड़ी घरेलू क्रिकेट लीग बनाना है।

यूपी टी-20 लीग के विशेष ट्रॉफी टूर अभियान के एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के शुभारंभ के दौरान लीग की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर, समीर रिजवी व आर्यन जुयाल।

 

आईपीएल स्टार समीर रिजवी ने अपने क्रिकेट सफर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उनका पहला बैट घर की थापी थी। उन्होंने बताया कि बचपन में उनकी शरारतों से परेशान होकर परिवार ने उन्हें मैदान भेज दिया और वहीं से क्रिकेट के सफर की शुरुआत हुई।यूपी टी-20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स के कप्तान समीर रिजवी ने कप्तानी और दबाव से जुड़े सवालों के जवाब में कहा कि उनकी कोशिश हमेशा पूरी टीम को साथ लेकर चलने की रहती है।

 

मैच से पहले रणनीति बनाना बेहद महत्वपूर्ण होता है और इस दौरान हर खिलाड़ी की राय ली जाती है। उन्होंने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी से उन्होंने सबसे बड़ी सीख यह ली कि दबाव की स्थिति में जितना शांत रहेंगे, उतने ही बेहतर फैसले ले पाएंगे। उन्होंने स्टूडेंट्स को यह भी सलाह दी कि तनाव के क्षणों में दो-तीन गहरी सांस लेने से काफी राहत मिलती है।इस सीजन यूपी टी-20 लीग में गोरखपुर लायंस के कप्तान आर्यन जुयाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने 16-17 वर्ष की उम्र में विकेटकीपिंग शुरू की थी। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश टीम और फिर अंडर-19 विश्व कप टीम में जगह मिली।

 

उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी के साथ विकेटकीपिंग चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन इसी ने उनके क्रिकेट करियर को नई दिशा दी। उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि लक्ष्य तय कर लगातार मेहनत करने वाला खिलाड़ी ही आगे बढ़ता है।संवाद सत्र के दौरान रोजा, नीलेश, उत्कर्ष, रिया मोदी सहित कई स्टूडेंट्स ने खिलाड़ियों से बेबाक सवाल पूछे। खिलाड़ियों ने अपने अनुभवों के आधार पर उनके सवालों के जवाब दिए और उन्हें खेल के साथ पढ़ाई तथा जीवन में संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया।

 

कार्यक्रम का संचालन आरजे आलोक ने अपनी चिर-परिचित शैली किया। वहीं संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षक अवनीश शुक्ला ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से स्टूडेंट्स को खासा प्रभावित किया।इसी दिन ट्रॉफी टूर अभियान का दूसरा पड़ाव लोयोला इंटरनेशनल स्कूल, महानगर रहा, जहां ट्रॉफी और क्रिकेट सितारों को लेकर स्टूडेंट्स में खासा उत्साह देखने को मिला। ट्रॉफी के साथ तस्वीरें खिंचवाने और खिलाड़ियों से मिलने के लिए विद्यार्थियों में विशेष उत्सुकता रही। 8 अगस्त को ट्रॉफी टूर अभियान गुरुकुल एकेडमी, भूतनाथ तथा इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, कुर्सी रोड पहुंचेगा।

Senior Sports Reporter Pioneer Hindi

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