‘अग्नि-4’ बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, 4,000 किमी तक मार करने में सक्षम
नई दिल्ली। भारत ने गुरुवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से मध्यम दूरी की स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड (एसएफसी) की निगरानी में किया गया। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने निर्धारित उड़ान मार्ग का सफलतापूर्वक पालन करते हुए सभी परिचालन और तकनीकी मानकों को पूरा किया।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस सफल परीक्षण ने अग्नि-4 की परिचालन विश्वसनीयता और भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत किया है। नियमित उपयोगकर्ता परीक्षणों से मिसाइल प्रणाली की युद्धक तैयारी और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
अग्नि-4 की प्रमुख विशेषताएं
- मारक क्षमता: लगभग 4,000 किलोमीटर तक।
- वजन: करीब 17,000 किलोग्राम।
- लंबाई: लगभग 20 मीटर।
- वारहेड क्षमता: पारंपरिक और परमाणु, दोनों प्रकार के वारहेड ले जाने में सक्षम।
- नेविगेशन प्रणाली: अत्याधुनिक रिंग लेजर गाइरो इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम, जो उच्च सटीकता सुनिश्चित करता है।
पहले भी सफल रहा अग्नि-1 का परीक्षण
इससे पहले 22 मई को भारत ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से अग्नि-1 शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। वह परीक्षण भी स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड की निगरानी में संपन्न हुआ था और उसमें सभी परिचालन एवं तकनीकी मानकों का सफल सत्यापन किया गया था।
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‘कुश’ वायु रक्षा प्रणाली का भी सफल परीक्षण
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली ‘कुश’ वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का पहला सफल उड़ान परीक्षण भी हाल ही में ओडिशा तट स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया। यह प्रणाली लंबी दूरी से आने वाले हवाई खतरों को निष्क्रिय करने में सक्षम है और भारत की वायु रक्षा क्षमता को नई मजबूती प्रदान करती है।










