स्नातक एमएलसी मतदाता सूची में फर्जीवाड़े का आरोप, सपा ने खोला मोर्चा

-फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित शैक्षिक दस्तावेजों से वोट बनवाने का दावा, जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग
मुजफ्फरनगर। मेरठ मंडल स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। सपा ने आरोप लगाया कि फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित शैक्षिक दस्तावेजों के सहारे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के प्रयास किए गए। इस मामले में शनिवार को सपा महानगर अध्यक्ष पुष्पेंद्र त्यागी उर्फ बोबी त्यागी इंद्रलोक की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। पार्टी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, कथित फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मेरठ मंडल के छह और सहारनपुर मंडल के तीन जिले शामिल हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। सपा का आरोप है कि कुछ स्थानों पर इन नियमों की अनदेखी कर मतदाता बनाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं की गई हैं। सपा की ओर से ज्ञापन में दावा किया गया कि 30 सितंबर 2026 और कुछ जनपदों में एक अक्टूबर को पार्टी के जिलाध्यक्षों के नेतृत्व में संबंधित जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए थे। पार्टी के अनुसार, इन ज्ञापनों के साथ कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता बनवाने से संबंधित फोटो और वीडियो भी उपलब्ध कराए गए थे। सपा ने आरोप लगाया कि कुछ संभावित और वर्तमान प्रत्याशियों के सोशल मीडिया खातों के माध्यम से बड़ी संख्या में मतदाता बनवाने की प्रक्रिया का प्रचार किया गया। ज्ञापन में 10 अक्टूबर 2026 को जारी मतदाता सूची का हवाला देते हुए सपा ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से स्नातक संबंधी जानकारी जुटाकर संबंधित व्यक्तियों की सहमति और हस्ताक्षर के बिना उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने का प्रयास किया। पार्टी ने आशंका जताई कि कुछ मामलों में आधार कार्ड और स्नातक की अंतिम वर्ष की अंकतालिकाओं से जुड़े दस्तावेजों का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। सपा ने गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों में इस तरह की अनियमितताएं होने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि यदि दस्तावेजों का दुरुपयोग कर मतदाता बनाए जाने की पुष्टि होती है तो यह निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता के लिए गंभीर मामला होगा। सपा ने ज्ञापन में भारतीय दंड संहिता और भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न कानूनी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए मामले को गंभीर बताया। पार्टी ने निर्वाचन अधिकारियों से मांग की कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जाए। इसके साथ ही पार्टी ने लोगों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मतदाता बनने से बचने के लिए जागरूक करने की मांग भी की। सपा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है, ताकि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।



