शिक्षा से ही समाज के दुख-दर्द और पिछड़ेपन का होगा अंत: डॉ. विनोद बिंद
चक अब्दुल हकीम में जनचौपाल का आयोजन, जरूरतमंद बच्चों को शैक्षिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों की सांसद ने की सराहना

पायनियर । चन्दौली
चकिया क्षेत्र की ग्राम सभा चक अब्दुल हकीम में जनचौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन भदोही के सांसद डॉ. विनोद बिंद ने फीता काटकर किया। इस दौरान विद्यालय के बच्चों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जरूरतमंद बच्चों की मदद के विषय पर चर्चा की गई। जनचौपाल को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. विनोद बिंद ने सुरेंद्र कुमार बिंद के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जानकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई कि सुरेंद्र बिंद अपने स्तर से गरीब, असहाय और जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई के लिए कलम, कॉपी, जूते और मोजे उपलब्ध कराते हैं। ऐसे प्रयास बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज की उन्नति का सबसे प्रभावी माध्यम है। समाज को अपने दुख-दर्द, गरीबी और पिछड़ेपन से बाहर निकालने के लिए बच्चों को शिक्षित करना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। शिक्षा से ही अधिकारों के प्रति जागरूक होगा समाज ‘संवाद अपनों के साथ’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि शिक्षा दुनिया को बदलने की ताकत रखती है। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि समाज को दुखों और पिछड़ेपन से मुक्ति पानी है, तो उसे संघर्ष करना होगा। लेकिन संघर्ष से पहले शिक्षित होना जरूरी है। शिक्षा के अभाव में अपने अधिकारों की लड़ाई प्रभावी ढंग से लड़ना कठिन हो जाता है।
सांसद ने कहा कि राजनीति को अक्सर समस्याओं के समाधान का माध्यम माना जाता है, लेकिन उसका सही उपयोग करने के लिए ज्ञान और समझ आवश्यक है। शिक्षा ही समाज को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती है। जब तक समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शिक्षा का प्रकाश नहीं पहुंचेगा, तब तक वास्तविक सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आस्था के साथ ज्ञान और ज्ञान के साथ कौशल भी जरूरी है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए संपन्न लोगों को गरीब परिवारों की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ताकि आर्थिक अभाव में किसी बच्चे की पढ़ाई बाधित न हो।
बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलने से वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे और समाज की प्रगति में योगदान दे पाएंगे। सफलता के मार्ग में अनेक बाधाएं आती हैं, लेकिन उनसे घबराने के बजाय निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। कार्यक्रम में संदीप बिंद, सुरेंद्र कुमार बिंद, छोटेलाल बिंद, अजीत बिंद, केदार बिंद, केशव बिंद, रामलखन बिंद, संतोष बिंद, मदन राम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



