सांप पकड़ने का शौक बना काल, जहरीले नाग के डसने से पिता-पुत्र की मौत

नौमीलाल को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। यहां उसे एंटी स्नेक के 20 वायल लगाए गए, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी और गला रुंधने के कारण बोलना भी बंद हो गया था। हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था। हालांकि, उसे बचाया नहीं जा सका। पिता महेश का भी सांप के काटने के बाद इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी भी मौत हो गई।
मुनक्कीपुरवा गांव निवासी महेश और उनका बेटा नौमीलाल सांप पकड़ने के शौकीन थे। नौमीलाल दाढ़ी और बाल बढ़ाए रखता था तथा सपेरे की तरह घूमता था। वह लोगों के घरों से भी सांप पकड़ता था। रविवार की रात नौमीलाल गांव के पास स्थित एक पूजा पंडाल में बाग से पकड़े गए जहरीले काले नाग को लेकर पहुंचा था।
वहां वह लोगों के सामने सांप का तमाशा दिखाने लगा। इसी दौरान उसने नाग के जहरीले दांत तोड़ने का प्रदर्शन करने की कोशिश की। लोगों को लगा कि सांप के दांत पहले ही तोड़ दिए गए होंगे, लेकिन उसकी पकड़ ढीली पड़ते ही नाग हाथ से छूट गया और उसने नौमीलाल के पैर में डस लिया।
नाग के डसने के बाद नौमीलाल ने सांप को पकड़ने की कोशिश की। इसी दौरान उसके पिता महेश भी उसे बचाने के लिए दौड़े। उन्होंने भागते हुए नाग को पकड़ना चाहा, लेकिन सांप ने उनके पैर में भी डस लिया और वहां से निकल गया। इसके बाद दोनों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया।
जिला चिकित्सालय में नौमीलाल को एंटी स्नेक के 20 वायल दिए गए, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। उसकी आंखों की रोशनी चली गई और गला रुंधने से बोलना बंद हो गया। वह बार-बार उठकर बैठने और सिर पटकने लगा। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था।
आपको बता दें कि महेश और नौमीलाल के घर में एक ऐसी जगह भी है, जहां वे पकड़े गए सांपों को लाकर रखते थे। बताया जा रहा है कि वहां दो बोरियों में करीब दो दर्जन सांप पकड़कर रखे गए हैं। सांप पकड़ने और उनके साथ करतब दिखाने का शौक ही कहीं न कहीं पिता-पुत्र के लिए जानलेवा साबित हुआ। जिस शौक के चलते वे सांपों को पकड़कर लोगों के सामने प्रदर्शन करते थे, उसी दौरान हुए हादसे ने दोनों की जान ले ली।



