सहकारी समितियों पर लटके ताले, खाद के लिए भटक रहे किसान

हड़ताल से आलू, गेहूं, सरसों और मसूर की बुवाई प्रभावित, समय पर फसल न बो पाने से किसान चिंतित
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। मलिहाबाद, माल और रहीमाबाद क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों में हड़ताल के चलते खाद का वितरण ठप होने से आसपास के दर्जनों गांवों के किसान परेशान हैं। समितियों के गेट पर ताले लटकने के कारण किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है। इससे आलू, गेहूं, सरसों, मसूर समेत अन्य फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। समय पर बुवाई नहीं हो पाने से किसानों को फसल उत्पादन प्रभावित होने की चिंता सता रही है। मनकौटी निवासी किसान मोबिन ने बताया कि उन्हें दो बीघा खेत में गेहूं की बुवाई करनी है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से वह खाद के लिए सहकारी समिति के चक्कर काट रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है।
किसान का कहना है कि खाद मिलने की उम्मीद में वह पूरा दिन समितियों के चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन वहां ताले लटके मिलते हैं। सचिव के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास करने पर भी बात नहीं हो पा रही है।किसानों का कहना है कि रबी की फसलों की बुवाई का समय चल रहा है। ऐसे में खाद उपलब्ध नहीं होने से खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है। यदि समय पर बुवाई नहीं हो सकी तो फसलों की पैदावार पर भी असर पड़ सकता है। खाद की किल्लत के चलते किसान काफी चिंतित हैं और जल्द से जल्द वितरण शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।
रहीमाबाद साधन सहकारी समिति के सचिव आसिफ ने बताया कि 22 अक्टूबर से हड़ताल के चलते समिति बंद है। निर्णय आने के बाद पहले की तरह किसानों को खाद वितरित की जाएगी।वहीं, इस संबंध में कोऑपरेटिव आरसीएम वैशाली से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कई बार घंटी बजने के बावजूद फोन नहीं उठा।



