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रक्षाबंधन पर फ्री बस यात्रा का रिकॉर्ड, 3 दिन में 89 लाख यात्रियों ने उठाया लाभ; महिलाओं की यात्रा पर खर्च हुए ₹107 करोड़

लखनऊ: रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को दी गई निशुल्क बस यात्रा सुविधा को इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों ने अपनाया। राज्य सरकार के अनुसार, रक्षाबंधन के दौरान तीन दिनों में करीब 89 लाख…

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रक्षाबंधन पर फ्री बस यात्रा का रिकॉर्ड, 3 दिन में 89 लाख यात्रियों ने उठाया लाभ; महिलाओं की यात्रा पर खर्च हुए ₹107 करोड़

लखनऊ: रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को दी गई निशुल्क बस यात्रा सुविधा को इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों ने अपनाया। राज्य सरकार के अनुसार, रक्षाबंधन के दौरान तीन दिनों में करीब 89 लाख यात्रियों ने मुफ्त बस सेवा का लाभ उठाया। इनमें लगभग 56 लाख महिलाएं शामिल रहीं, जबकि करीब 33.65 लाख सहयात्रियों ने भी निशुल्क यात्रा की।

योगी सरकार की ओर से रक्षाबंधन के मौके पर बहनों को दिए गए इस तोहफे का उद्देश्य महिलाओं को अपने मायके और परिवार तक सुरक्षित एवं सुविधाजनक तरीके से पहुंचने का अवसर देना था। सरकार के मुताबिक, इस विशेष बस सेवा का पूरा खर्च राज्य सरकार ने वहन किया।

तीन दिन में 89 लाख यात्रियों ने की मुफ्त यात्रा

रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए मायके जाती हैं। ऐसे में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने निशुल्क बस यात्रा की व्यवस्था की थी।

सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस विशेष सुविधा के दौरान 89 लाख यात्रियों ने बिना किराया दिए बसों से सफर किया। इनमें सबसे बड़ी संख्या महिलाओं की रही। करीब 56 लाख महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया।

इसके अलावा महिलाओं के साथ यात्रा करने वाले करीब 33.65 लाख सहयात्रियों को भी निशुल्क यात्रा की सुविधा मिली। इस तरह तीन दिनों में लाखों लोगों को सार्वजनिक परिवहन के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंचने का अवसर मिला।

महिलाओं की यात्रा पर खर्च हुए ₹107 करोड़

निशुल्क बस सेवा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने करीब 107 करोड़ रुपये खर्च किए। सरकार का कहना है कि रक्षाबंधन पर बहनों की यात्रा का पूरा खर्च राज्य सरकार ने उठाया, ताकि त्योहार के दौरान उन्हें किराये का अतिरिक्त बोझ न उठाना पड़े।

इस व्यवस्था के तहत रोडवेज बसों में सफर करने वाली महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई गई। त्योहार के दौरान परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ने के बावजूद यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त तैयारियां भी की गई थीं।

महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा पर जोर

रक्षाबंधन पर निशुल्क बस यात्रा की व्यवस्था को सरकार महिला सुविधा और सुरक्षा से जोड़कर देखती है। त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं लंबी दूरी तय करती हैं। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा से उन्हें आर्थिक राहत मिलने के साथ अपने परिवार तक पहुंचना भी आसान हुआ।

सरकार की ओर से समय-समय पर त्योहारों के दौरान महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की व्यवस्था की जाती रही है। रक्षाबंधन पर लागू की गई इस सुविधा का उद्देश्य विशेष रूप से बहनों को त्योहार के अवसर पर यात्रा में सहूलियत देना रहा।

रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों ने उठाया लाभ

इस बार तीन दिनों में 89 लाख यात्रियों का निशुल्क यात्रा करना इस योजना के बड़े पैमाने को दर्शाता है। इनमें 56 लाख महिलाओं की संख्या बताती है कि महिलाओं ने इस सुविधा का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किया।

सरकार के मुताबिक, 107 करोड़ रुपये का खर्च पूरी तरह महिलाओं और उनके सहयात्रियों को उपलब्ध कराई गई निशुल्क बस सेवा के लिए किया गया। इससे हजारों परिवारों को रक्षाबंधन के दौरान यात्रा खर्च में राहत मिली।

रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ जाता है। ऐसे में निशुल्क यात्रा योजना से महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ त्योहार पर घर पहुंचने की सुविधा देने की कोशिश की गई। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, तीन दिनों में 89 लाख यात्रियों का इस सुविधा का लाभ उठाना इसकी बड़ी पहुंच को दिखाता है।

 

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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