- आचार्य पुरोहित संघ के अध्यक्ष ने दी अहम जानकारी
- ग्रहण का भारत में नहीं होगा कोई असर, बेझिझक होकर मनाएं त्योहार
गुरुग्राम। रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के अखंड प्रेम विश्वास और रक्षा के संकल्प का पावन पर्व है। यह पावन पर्व हमारी सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस रक्षाबंधन पर राखी बांधने के समय का बहनें विशेष ध्यान रखें। यह कहना है आचार्य पुरोहित संघ के अध्यक्ष कथावाचक पंडित अमरचंद भारद्वाज का।
राखी बांधने का श्रेष्ठ समय 28 अगस्त को सुबह 05:57 से 09:48 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 से 12:53 बजे तक है। राहुकाल 10:46 से 12:22 बजे के बीच रहेगा। इस समय के बीच राखी न बांधें। पंडित अमर चन्द भारद्वाज ने बताया कि चन्द्र ग्रहण सुबह 08:04 से 11:22 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए धार्मिक मान्यता के अनुसार सूतक मान्य नहीं होगा। मंदिर, पूजा-पाठ और रक्षाबंधन के सभी कार्य सामान्य रूप से संपन्न किए जा सकेंगे। पंडित अमरचंद भारद्वाज ने कहा कि भले ही चंद्र ग्रहण का असर भारत में ना पड़े, लेकिन गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण के दौरान अपने शिशु की रक्षा के लिए सावधानी जरूर बरतें।
गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण की अवधि में खुले आसमान के नीचे जाने और किसी तरह का औजार का प्रयोग करने से बचना चाहिए। पंडित अमर चन्द भारद्वाज ने कहा कि राखी बांधने से पहले बहन स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करे, पूजन थाली में रोली, अक्षत, दीप, राखी, पुष्प व मिठाई रखें। भाई को पूर्व या उत्तरमुख बैठाकर तिलक करें, आरती उतारें।