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रक्षामंत्री राजनाथ ने विद्यार्थियों को दिखाया सफलता का मार्ग

बीबीएयू के 11वें दीक्षांत समारोह में गूंजा राष्ट्र निर्माण का संकल्प पायनियर समाचार सेवा लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ में शनिवार को 11वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शैक्षणिक सत्र 2023, 2024, 2025 एवं 2026 के…

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रक्षामंत्री राजनाथ ने विद्यार्थियों को दिखाया सफलता का मार्ग

बीबीएयू के 11वें दीक्षांत समारोह में गूंजा राष्ट्र निर्माण का संकल्प

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ में शनिवार को 11वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शैक्षणिक सत्र 2023, 2024, 2025 एवं 2026 के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक,  संसद सदस्य राज्यसभा  मिथिलेश कुमार, बीबीएयू के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल एवं बीबीएयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विक्रम सिंह यादव मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य अतिथि एवं कुलपति ने बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण के साथ हुई। साथ ही विश्वविद्यालय के सम्मानित शिक्षकों के माध्यम से शैक्षणिक शोभायात्रा आयोजित हुई। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन किया गया और‌ सभी के द्वारा सामूहिक रूप से विश्वविद्यालय कुलगीत गाया गया। साथ ही आयोजन समिति की ओर से अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट करके उनका स्वागत किया गया। सर्वप्रथम कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया एवं सभी को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक प्रतिवेदन से अवगत कराया।

साथ ही मंच संचालन का कार्य डॉ. प्रीति चौधरी द्वारा किया गया। 11वें दीक्षांत समारोह-2026 के अवसर पर मुख्य अतिथि एवं भारत सरकार के  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्तियों छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि जीवन में बड़े लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मन को बड़ा रखना आवश्यक है। बड़े मन में व्यापक सोच और सकारात्मकता होती है, जिससे व्यक्ति परमानंद एवं वास्तविक सुख की अनुभूति प्राप्त कर सकता है। उन्होंने मन को एक वृत्त सर्किल की तरह बताते हुए कहा कि जैसे-जैसे उसका दायरा बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे सुख और संतुष्टि का विस्तार होता जाता है।

उन्होंने कहा कि भारत का ज्ञान और चिंतन इतना व्यापक एवं समृद्ध रहा है कि संत-महात्माओं ने सदियों पूर्व जिन विचारों और जीवन-मूल्यों की बात कही थी। आज पूरा विश्व उन्हें अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज भारत जो बोलता है। दुनिया उसे कान खोलकर सुनती है। रक्षामंत्री ने बताया कि बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय का नाम डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जैसे महान विचारक एवं समाज सुधारक से जुड़ा है, इसलिए यहां के विद्यार्थियों से अपेक्षाएं भी अधिक हैं।

इसलिए ज्ञान के साथ चरित्र, संस्कार और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता भी आवश्यक है। निगोहा क्षेत्र पुरहीय गांव की की बेटी संभावी दीक्षित मैं अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि उनकी कामना है कि बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय से ऐसे युवा निकलें, जो भारत के भविष्य की तस्वीर बदलने में सक्षम हों और केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। डॉ. बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर के जीवन एवं विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने न केवल यह बताया कि समाज को बदलने का मार्ग क्या है बल्कि यह भी बताया कि परिवर्तन की शुरुआत कहां से की जा सकती है।

दीक्षांत समारोह के द्वितीय सत्र में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को उनके संबंधित विभागों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर चारों वर्षों के गोल्ड मेडलिस्ट, पीएचडी शोधार्थियों सहित अन्य विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उपाधियां प्रदान की गईं।