रामलीला परंपरा को मिलेगा अपना स्थायी मंच
सांस्कृतिक परंपरा को जिंदा रखने के लिए जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों के सहयोग से हो रहा निर्माण कार्य

बिहारीगढ़। विकासखंड मुजफ्फराबाद के ग्राम नवरंगपुर में करीब तीन दशक से चली आ रही रामलीला की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को अब स्थायी पहचान मिलने जा रही है। दुर्गा शक्ति रामलीला कमेटी की पहल पर गांव में स्थायी रामलीला भवन का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है। ग्रामीणों में भवन को लेकर खासा उत्साह है। दानदाताओं और समाजसेवियों के सहयोग से निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 28 वर्षों से नवरंगपुर में दीपावली के अवसर पर रामलीला का आयोजन होता आ रहा है। अब इस परंपरा को स्थायी आधार देने के लिए भवन तैयार किया जा रहा है, जिसके लेंटर का कार्य पूरा हो चुका है।
रामलीला भवन निर्माण में ग्राम प्रधान पूनम सैनी, दुर्गा शक्ति रामलीला कमेटी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मुल्किराज सैनी, समस्त ग्रामवासियों के अलावा आसपास के क्षेत्र के दानदाता और समाजसेवी सहयोग दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे गांव की सामूहिक आस्था और सहभागिता का प्रतीक है।
कमेटी के अनुसार भवन का उपयोग केवल रामलीला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी होगा। कमेटी ने भवन को 2027 तक पूर्ण करने की उम्मीद जताई है। इस वर्ष 24 अक्टूबर से रामलीला कार्यक्रम शुरू होगा, जिसकी तिथियों में बदलाव का अधिकार कमेटी के पास रहेगा।



