पुलिस मुख्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर समारोह आयोजित
द हिंदी पायनियर नेटवर्क, लखनऊ·Published by: Syed Fazal Ali·Updated 2 अक्टूबर 2026, 07:09 PM IST
पायनियर
समाचार सेवा
लखनऊ। राष्ट्रपिता
महात्मा गांधी की 157वीं
जयंती के अवसर पर शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में समारोह का आयोजन किया गया। इस
अवसर पर डीजीपी राजीव कृष्णाने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि
अर्पित की। साथी ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि
अर्पित की। समारोह के दौरान 10वीं
वाहिनी पीएसी बाराबंकी में नियुक्त रेडियो निरीक्षक विजय शंकर अग्निहोत्री एवं
उनकी टीम ने रामधुन बजाई गई। साथ ही वैष्णव जन तो तेने कहियेव गॉधी के
लोकप्रिय भजन रघुपति राघव राजा रामका गायन किया
गया।
डीजीपी ने लखनऊ विश्वविद्यालय
हिन्दी के प्रोफेसर डा योगेन्द्र प्रताप सिंह को शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के प्रोफेसर डॉ. योगेन्द्र
प्रताप सिंह ने महात्मा गांधी के आदर्शों एवं सिद्धांतों पर अपने विचार रखते हुए
कहा कि संयम, सत्य, न्याय और निःस्वार्थ
सेवा जैसे गांधीवादी मूल्य पुलिसकर्मियों के दैनिक कर्तव्यों से गहराई से जुड़े
हैं। उन्होंने वर्ष 1897 में डरबन की घटना तथा वर्ष 1922 के चौरी-चौरा कांड का
उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी जी की लड़ाई अन्याय के विरुद्ध थी। उन्होंने कहा कि
जब पुलिसकर्मी संयम, सत्य, न्याय और सेवा की
भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, तो वे गांधी जी
के आदर्शों को व्यवहार में चरितार्थ करते हैं।
उन्होंने अहिंसा को कायरता नहीं,
बल्कि बलवान का
संयम बताते हुए इसे आंतरिक शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने सोहनलाल द्विवेदी की प्रसिद्ध
कविता की पंक्तियों के माध्यम से महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा
उत्तर प्रदेश पुलिस की निष्ठा, त्वरित कार्रवाई
एवं महाकुंभ जैसी विशाल व्यवस्थाओं के सफल प्रबंधन की सराहना करते हुए पुलिस
महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के नेतृत्व एवं संपूर्ण पुलिस बल
की कर्मठता को नमन किया। समारोह के अंत में डीजीपी ने लखनऊ विश्वविद्यालय हिन्दी
के प्रोफेसर डा योगेन्द्र प्रताप सिंह को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही
पुलिस मुख्यालय में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को उपहार भेंट किए गए।