426 सवालों और विपक्ष के घेराव के बीच आज से शुरू होगा विधानसभा सत्र

गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में मंगलवार, से शुरू होने जा रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। सत्र के दौरान सदन के भीतर विपक्ष सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, वहीं पहले दिन विधानसभा घेराव के ऐलान से प्रशासन की चुनौती भी बढ़ गई है। दूसरी ओर, सत्र के दौरान 31 विधायकों की ओर से उठाए गए 426 सवालों के जवाब सरकार को देने होंगे। हंगामेदार सत्र की आशंका को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
विधानसभा घेराव के ऐलान से बढ़ी हलचल
सत्र के पहले दिन कांग्रेस, प्रदेश प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। विभिन्न मुद्दों को लेकर होने वाले प्रदर्शन के मद्देनजर प्रशासन ने विधानसभा परिसर और आसपास के संवेदनशील मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। आंदोलनकारियों को विधानसभा भवन तक पहुंचने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दुकमुतासैंण, विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार दीवालीखाल, जंगलचट्टी, परवाड़ी मोटर मार्ग और सारकोट मोटर मार्ग सहित प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इन मार्गों पर कंटीले तारों और मजबूत लोहे के गेटों के जरिए बैरिकेडिंग की गई है, ताकि प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, विधानसभा क्षेत्र और गैरसैंण परिक्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से पांच सुपर जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर की निगरानी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए करीब 1500 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था में सिविल पुलिस, सशस्त्र पुलिस, यातायात पुलिस, प्रांतीय रक्षक दल, आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस), डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी शामिल हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सत्र को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराना प्राथमिकता है। साथ ही स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।
31 विधायकों के 426 सवालों पर सरकार से मांगे जाएंगे जवाब
विधानसभा सत्र के दौरान सदन में जनसमस्याओं और प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के अनुसार, सत्र के लिए 31 विधायकों ने कुल 426 सवाल लगाए हैं। विधानसभा सचिवालय की ओर से सत्र के सुचारू संचालन के लिए तैयारियां की जा रही हैं। अध्यक्ष ने कहा है कि विधायकों को अपनी बात रखने और जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने का पर्याप्त अवसर देने का प्रयास किया जाएगा।
सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में प्रवेश को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। विधानसभा कर्मचारियों को भी बिना विधिवत जारी वाहन प्रवेश पत्र के अपने वाहन परिसर में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, विधायकों की संस्तुति पर एक और मंत्रियों की संस्तुति पर अधिकतम दो लोगों को ही प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य विधानसभा परिसर की सुरक्षा को मजबूत बनाए रखना है।
वेबकास्टिंग से आमजन भी देख सकेंगे कार्यवाही
विधानसभा की कार्यवाही को जनता तक पहुंचाने के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी। यह जिम्मेदारी सूचना एवं लोक संपर्क विभाग तथा आईटी विकास अभिकरण की ओर से निभाई जाएगी। इससे प्रदेश के लोग सदन की कार्यवाही से जुड़ सकेंगे और विधानसभा की गतिविधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, भराड़ीसैंण में शुरू होने जा रहा शीतकालीन विधानसभा सत्र सरकार के लिए दोहरी चुनौती लेकर आया है। एक ओर सदन में विपक्ष के सवालों और जनहित के मुद्दों का जवाब देना होगा, वहीं दूसरी ओर विधानसभा घेराव के ऐलान के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
"विधानसभा क्षेत्र और गैरसैंण परिक्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से पांच सुपर जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर की निगरानी के लिए अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए करीब 1500 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है।
सोनू उनियाल



