दिल्ली में तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचने के बीच मानसून-पूर्व गतिविधियों के तेज होने की संभावना

नयी दिल्ली। दिल्ली में बुधवार को भी भीषण गर्मी का दौर जारी है और अधिकांश मौसम केंद्रों पर अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विज्ञानियों ने बृहस्पतिवार से मानसून पूर्व गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी का अनुमान जताया है, जिससे अच्छी खासी बारिश हो सकती है और झुलसाती गर्मी से राहत मिल सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने येलो अलर्ट जारी करते हुए रात के दौरान हल्की बारिश, आंधी, गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अनुमान लगाया है।

शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.5 डिग्री अधिक है। पालम और रिज सबसे गर्म स्थान रहे, जहां तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोधी रोड पर अधिकतम तापमान सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक 42.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि आयानगर में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक है। राजधानी में सुबह मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.3 डिग्री कम 22.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले दिनों में मानसून पूर्व गतिविधियों के तेज होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। ‘स्काईमेट वेदर’ के उपाध्यक्ष (मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन) महेश पलावत ने बताया कि मध्य पाकिस्तान और आसपास के इलाकों पर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण इस क्षेत्र में तेज हवाएं चल रही हैं और हल्की बूंदाबांदी हो रही है। उन्होंने कहा कि 11 जून से मानसून पूर्व गतिविधियां तेज होने की संभावना है और दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में अच्छी बारिश हो सकती है।

पलावत ने कहा कि बारिश की गतिविधियां काफी बढ़ने की संभावना है और अगले कुछ दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ सकता है। मौसम विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि जब अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तेजी से चढ़ता है, तो अक्सर इसके बाद मजबूत मानसून पूर्व मौसम तंत्र सक्रिय होते हैं जिससे आंधी, तेज हवाएं और तेज बारिश हो सकती है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच शहर के किसी भी प्रमुख मौसम केंद्र पर बारिश दर्ज नहीं की गई।

इस बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 169 दर्ज किया गया। सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 ‘गंभीर’ माना जाता है।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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