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पीयूष गोयल का जापान दौरा खत्म, सेमीकंडक्टर और निवेश साझेदारी पर सहमति

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापान का चार दिवसीय दौरा पूरा किया। इस दौरान उन्होंने जापानी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों से भारत में निवेश बढ़ाने की अपील की और अगले दस वर्षों में जापान से 10 ट्रिलियन…

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पीयूष गोयल का जापान दौरा खत्म, सेमीकंडक्टर और निवेश साझेदारी पर सहमति

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापान का चार दिवसीय दौरा पूरा किया। इस दौरान उन्होंने जापानी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों से भारत में निवेश बढ़ाने की अपील की और अगले दस वर्षों में जापान से 10 ट्रिलियन येन निजी निवेश का लक्ष्य रखा।

इस दौरान जापानी कंपनियों ने भारत के सेमीकंडक्टर और उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाने में रुचि दिखाई और दोनों देशों ने औद्योगिक साझेदारी को नई गति देने पर सहमति जताई। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के बताया कि इस दौरान गोयल ने टोक्यो, नागोया और ओसाका में उच्चस्तरीय बैठकों और रोडशो में भाग लिया। उन्होंने जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री अकाजावा रयोसेई, जेईटीआरओ, जेबीआईसी और जेआईसीए के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। बातचीत में निवेश विस्तार, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, प्रौद्योगिकी साझेदारी और द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसरों पर जोर दिया गया।

सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आयोजित विशेष गोलमेज बैठक में गोयल ने भारत की छह स्तंभों वाली सेमीकंडक्टर रणनीति प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि भारत की युवा प्रतिभा और जापान की तकनीकी क्षमता मिलकर वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर क्रांति ला सकती है। जापानी कंपनियों ने सेमीकंडक्टर सामग्री, उपकरण, पावर सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई।
नागोया में आयोजित इंडिया-जापान नेक्स्ट जेनरेशन इकोनॉमिक पार्टनरशिप रोडशो में 80 से अधिक जापानी कंपनियों ने भाग लिया। इसमें ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, मशीन टूल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और लघु एवं मध्यम उद्योगों के सहयोग पर चर्चा हुई। गोयल ने कहा कि भारत की युवा प्रतिभा और जापान के तकनीकी कौशल का संयोजन नए औद्योगिक और प्रौद्योगिकी साझेदारी का मार्ग प्रशस्त करेगा।

गोयल ने बताया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है और साल 2047 तक 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत का बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल अर्थव्यवस्था, मजबूत बैंकिंग क्षेत्र और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता दीर्घकालिक निवेशकों के लिए बड़े अवसर प्रदान कर रही है।