पिता की सियासी विरासत संभालने की तैयारी, शाने अली ने सदर सीट से चुनाव लड़ने का किया दावा

बसपा छोड़ सपा में शामिल होने के बाद पहली बार पीलीभीत पहुंचे शाने अली
पार्टी कार्यालय पर हुआ स्वागत, बोले- टिकट मिला तो सदर सीट से लड़ेंगे चुनाव
पायनियर संवाददाता। पीलीभीत
पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हाजी रियाज अहमद के पुत्र शाने अली ने पीलीभीत की सियासत में अपनी सक्रियता बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने के बाद सोमवार को पहली बार पीलीभीत पहुंचे शाने अली ने आगामी विधानसभा चुनाव में सदर सीट से चुनाव लड़ने का दावा किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि पार्टी उन्हें प्रत्याशी बनाती है तो वह सदर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे। उनके इस बयान के बाद जिले की राजनीति में उनकी भावी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद शाने अली के प्रथम आगमन पर जगह-जगह उनका ज़ोरदार स्वागत हुआ, शहर के नकटादाना चौराहे पर स्थित जिला कार्यालय पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने अपनी राजनीतिक मंशा जाहिर करते हुए सदर सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा सामने रखी। शाने अली के सपा में शामिल होने को उनके पिता की राजनीतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है। स्वर्गीय हाजी रियाज अहमद जिले की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे थे और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके थे।
ऐसे में उनके पुत्र का सपा में शामिल होकर सदर सीट से चुनाव लड़ने का दावा करना जिले की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, सदर विधानसभा सीट से शाने अली की उम्मीदवारी को लेकर सपा की ओर से अभी किसी आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं है। फिलहाल उन्होंने अपनी दावेदारी सार्वजनिक कर दी है। अब पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सबकी निगाहें रहेंगी। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार, पूर्व जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा, जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा कट्टर, नफीस अंसारी समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



