पहले जान जोखिम में, अब आशियाने की फ्रिक रिश्तेदारों के घर गुजरी रात

पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। वजीरगंज थाना क्षेत्र के बारूदखाना स्थित एसएअपार्टमेंट में रहने वाले 25 परिवारों के लिए सोमवार का दिन चिंता और डर से भरा रहा। बिल्डिंग में रहने वाले परिवारों ने प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए स्थाई कैंप में रहने की बजाय रिश्तेदारों परिवारों के साथ किसी तरह रात बिताई। अपार्टमेंट के पिलरों में गंभीर क्षति और बिल्डिंग के जर्जर होने के बाद इसके गिरने का खतरा पैदा हो गया था। खतरे को देखते हुए आसपास की इमारतों को भी खाली कराया गया और एसएनअपार्टमेंट में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बिल्डिंग को सील कर दिया गया है। मौके पर एसडीआरएफ,एनडीआरएफ,फायर विभाग, पीडब्लूडी और एलडीएके अधिकारी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। घर खाली होने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती इस इमारत को दोबारा सुरक्षित बनाना है।इसी दिशा में एलडीएने शासन और प्रशासन के सहयोग से अपार्टमेंट को मजबूत करने का काम शुरू कराया है। मंगलवार को बहराइच की एक कंपनी को मजबूती का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।
कंपनी ने बिल्डिंग के निचले हिस्से में जैक लगाकर क्षतिग्रस्त पिलरों को सहारा देने का काम शुरू कर दिया है।बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर पर रहने वाले आसिफ हाशमी ने बताया सोमवार की रात किसी तरह रिश्तेदारों के साथ गुजारी फ्लैट में सारा सामान होने के चलते बच्चों के स्कूल जाने से लेकर सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं डॉक्टर मोहम्मद नोमान, सैयद मोहम्मद शारिक,रिजवान, डॉक्टर लोधी,मुकेश सक्सेना इत्यादि के सामने भविष्य में बिल्डिंग को लेकर उसकी मजबूती पर संशय बना हुआ है।25 परिवारों की उम्मीद अब इसी काम पर टिकी है कि उनका घर फिर सुरक्षित हो और वे दोबारा अपने आशियाने में लौटकर सामान्य जिंदगी शुरू कर सकें।
वहीं एलडीए के रिकॉर्ड के मुताबिक एसए अपार्टमेंट का नक्शा 2009 में एकल आवास जीप्लस तीन के नाम पर पास हुआ था। तीन फ्लोर तक निर्माण की अनुमति थी मगर फिर भी बिल्डर द्वारा सात फ्लोर तक बिल्डिंग का अवैध निर्माण कर दिया गया। इतना ही नहीं उक्त बिल्डिंग के आसपास भी कई दर्जन इमारतें खड़ी है। जिसमें कई तो पूर्ण रूप से अवैध है। एसए अपार्टमेंट हादसे के बाद हालांकि एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बारूद खाना की गलियों में बने अपार्टमेंटों की जांच के आदेश दे दिए है। इसके अलावा पिलर चिटकने से एसए अपार्टमेंट और साथ मिली इमारत में आई दरार जानकारों का कहना है। अपार्टमेंट और साथ कि बिल्डिंग में आई दरार को अपार्टमेंट स्थिर करने के बाद भी नही भरा जा सकता। आगे चलकर ये दरार फ्लैटो में सीलन उत्पन्न करेगा।



