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‘मैंने तेरे ही भरोसे’ भजन का पुराना कनेक्शन, सुनील लोधी ने खोला राज; ‘हनुमान अंश’ में फिर गूंजा बुंदेली लोकगीत

मुंबई: फिल्म ‘हनुमान अंश’ की चर्चा इन दिनों इसकी कहानी और सफलता के साथ-साथ इसके भजनों को लेकर भी हो रही है। खास तौर पर ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ भजन ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। सुनील लोधी की…

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‘मैंने तेरे ही भरोसे’ भजन का पुराना कनेक्शन, सुनील लोधी ने खोला राज; ‘हनुमान अंश’ में फिर गूंजा बुंदेली लोकगीत

मुंबई: फिल्म ‘हनुमान अंश’ की चर्चा इन दिनों इसकी कहानी और सफलता के साथ-साथ इसके भजनों को लेकर भी हो रही है। खास तौर पर ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ भजन ने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। सुनील लोधी की आवाज में इस भजन को खूब पसंद किया जा रहा है, लेकिन इस गीत से जुड़ी एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसने इसे और खास बना दिया है।दरअसल, ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ कोई नया फिल्मी भजन नहीं है। यह एक पारंपरिक बुंदेली भजन है, जो लंबे समय से बुंदेलखंड की लोकगायकी और धार्मिक संगीत परंपरा का हिस्सा रहा है। इस बात का खुलासा खुद गायक सुनील लोधी ने किया है।

सुनील लोधी ने बताया भजन का पुराना इतिहास

हाल ही में सुधीर चौधरी के साथ ‘डिकोड’ में बातचीत के दौरान सुनील लोधी ने फिल्म और भजन से जुड़े कई पहलुओं पर बात की। इसी दौरान उन्होंने बताया कि ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ पहले भी बुंदेली लोकगायकी के चर्चित कलाकारों की आवाज में गाया जा चुका है।

सुनील लोधी ने सबसे पहले बुंदेली लोकगायक चंद्रभूषण पाठक का नाम लिया। उन्होंने बताया कि पाठक भी इस पारंपरिक भजन को अपनी आवाज दे चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने बुंदेली लोकगायकी के लोकप्रिय नाम देशराज पटेरिया का भी जिक्र किया। सुनील लोधी के मुताबिक, देशराज पटेरिया ने भी ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ को गाया है।इस तरह ‘हनुमान अंश’ में सुनील लोधी की आवाज में सुनाई दे रहा यह भजन दरअसल बुंदेलखंड की पुरानी लोक और भक्ति परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कर रहा है।

‘हनुमान जी का चमत्कार और कृपा है’

फिल्म में इस पारंपरिक भजन को जगह मिलने को सुनील लोधी ने बेहद खास बताया। उन्होंने इसे सिर्फ एक गाने के तौर पर नहीं देखा, बल्कि हनुमान जी की कृपा और चमत्कार से जोड़कर बताया।

सुनील लोधी ने फिल्म के मेकर्स का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें इस भजन को नई पीढ़ी और बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का मौका मिला। फिल्म में शामिल होने के बाद भजन को जिस तरह से लोकप्रियता मिल रही है, उससे पारंपरिक बुंदेली संगीत को भी एक नया मंच मिला है।

21 साल की प्रोड्यूसर ने साझा किया अनुभव

इसी बातचीत के दौरान फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने भी फिल्म को लेकर अपना अनुभव साझा किया। महज 21 साल की उम्र में उन्होंने नीम करौली बाबा से प्रेरित फिल्म बनाने का जोखिम उठाया।अनुप्रिया ने बताया कि उनके मुताबिक यह फिल्म काफी पहले बन जानी चाहिए थी, क्योंकि आज की युवा पीढ़ी भी इसकी कहानी और आध्यात्मिक विषय से जुड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत कम लोग नीम करौली बाबा और उनके जीवन व महानता के बारे में विस्तार से जानते हैं।

‘हनुमान अंश’ की चर्चा के बीच ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ की लोकप्रियता यह दिखाती है कि पारंपरिक लोकभजन जब नए अंदाज और सिनेमा के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचते हैं, तो वे नई पीढ़ी के बीच भी अपनी जगह बना सकते हैं। सुनील लोधी की आवाज में यह भजन अब बुंदेली लोक परंपरा और आधुनिक सिनेमा के बीच एक खूबसूरत कड़ी बनता नजर आ रहा है।

 

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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