ग्लास्गो। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने रोहित यादव और यशवीर सिंह के साथ राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। बृहस्पतिवार को खेले गए क्वालीफिकेशन राउंड में तीनों भारतीय शीर्ष-12 में जगह बनाने में सफल रहे। तेज हवा और लगातार बदलती मौसम की परिस्थितियों के कारण कोई भी खिलाड़ी 84 मीटर के स्वत: क्वालीफिकेशन मानक को हासिल नहीं कर सका, जिसके चलते शीर्ष-12 खिलाड़ियों को फाइनल का टिकट मिला।
2018 राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज ने 79.61 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर पांचवां स्थान हासिल किया। रोहित यादव 78.37 मीटर के साथ नौवें और यशवीर सिंह 78.36 मीटर के साथ 10वें स्थान पर रहे। तीनों भारतीयों के फाइनल में पहुंचने से पदक की उम्मीदें बरकरार हैं। नीरज ने दूसरे प्रयास में 79.61 मीटर का थ्रो करने के बाद अपना तीसरा प्रयास नहीं किया, क्योंकि तब तक वह फाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके थे। रोहित ने भी दो प्रयासों के बाद अंतिम थ्रो नहीं किया।
क्वालीफिकेशन राउंड के दौरान खिलाड़ियों को तेज और बदलती दिशा वाली हवा से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस रहा और 18 प्रतिभागियों में से कोई भी 84 मीटर के स्वत: क्वालीफिकेशन मानक तक नहीं पहुंच सका। केवल चार खिलाड़ी ही 80 मीटर की दूरी पार कर सके।
मुकाबले के बाद नीरज ने कहा कि परिस्थितियां भाला फेंक के लिए बिल्कुल अनुकूल नहीं थीं। उन्होंने कहा कि ठंड के साथ-साथ हवा लगातार दिशा बदल रही थी, जिससे सही लय बनाना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने माना कि लगभग सभी खिलाड़ी इन परिस्थितियों से प्रभावित हुए और शायद ही कोई अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट होगा। हालांकि उन्होंने फाइनल में पहुंचने पर संतोष जताते हुए कहा कि अब उनका लक्ष्य पदक मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करना है।
श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 82.84 मीटर के थ्रो के साथ क्वालीफिकेशन राउंड में पहला स्थान हासिल किया, जबकि ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 81.29 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम 78.63 मीटर के साथ सातवें और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के विश्व चैंपियन केशोर्न वॉलकॉट 78.26 मीटर के साथ 11वें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंचे। वहीं केन्या के अनुभवी जूलियस येगो 74.50 मीटर के साथ 13वें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाने से चूक गए।
कमर की चोट से वापसी कर रहे नीरज इस सत्र में लगातार लय हासिल कर रहे हैं। दोहा और रोम डायमंड लीग में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद अब उनकी नजर राष्ट्रमंडल खेलों में एक और स्वर्ण पदक जीतने पर होगी। शुक्रवार को होने वाले फाइनल में भारत की तीनों खिलाड़ियों से मजबूत चुनौती की उम्मीद रहेगी।










