नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले धाराए

गोण्डा। जिले में अयोध्या के महंत बृजमोहन दास का निजी सचिव बनकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 10.25 लाख रुपए की ठगी के मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने कोतवाल बिंदेश्वरीमणि मणि त्रिपाठी के निर्देशन में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना कर दिया है।
बता दें कि आरोपियों ने एक जूता कारोबारी और उसकी बहन को जल निगम और शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 10.25 लाख रुपए ठग लिये थे। वहीं इसके लिए पीड़ित ने अपनी पैतृक जमीन बेचकर और जेवर गिरवी रखकर रकम जुटाई थी। आरोपियों ने दोनों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए। शनिवार को पुलिस ने करण वर्मा और अनूप कुमार पांडेय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पीड़ित रियाज अहमद सिद्दीकी जूते की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आरोप है कि करण वर्मा और अनूप कुमार पांडेय ने खुद को महंत बृजमोहन दास का निजी सचिव बताकर रियाज और उनकी बहन को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आरोपियों पर विश्वास करके रियाज ने अपनी पैतृक जमीन बेच दी और आभूषण गिरवी रखकर अलग-अलग तारीखों में उनके खातों में कुल 10 लाख 25 हजार रुपए ट्रांसफर किए। आरोपियों ने नौकरी न लगने पर पूरी रकम वापस करने का आश्वासन भी दिया था।
कुछ समय बाद आरोपियों ने रियाज को जल निगम और उनकी बहन को शिक्षा विभाग का नियुक्ति पत्र दिया। दोनों संबंधित विभागों में ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। इसके बाद रियाज ने आरोपियों से रकम वापस मांगी।
आरोप है कि इस पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने, दुकान बंद कराने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों ने 4 लाख 2 हजार 500 रुपए वापस कर दिए, लेकिन शेष 6 लाख 22 हजार 500 रुपए नहीं लौटाए। लगातार परेशान होने के बाद रियाज ने 23 अगस्त को नगर कोतवाली में करण वर्मा, अनूप कुमार पांडेय और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक प्रशांत कुमार पांडेय ने शनिवार को पुलिस टीम के सर्कुलर रोड स्थित किराए के मकान पर दबिश देकर करण वर्मा को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर इमर्ती विशेन स्थित रामप्यारे फिलिंग स्टेशन के सामने अनूप कुमार पांडेय के मकान पर दबिश दी गई। पुलिस के मुताबिक, अनूप भागने लगा, लेकिन उसे दौड़ाकर पकड़ लिया गया।
नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ 9 दिसंबर 2025 को भी नगर कोतवाली में ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप है कि उन्होंने अयोध्या में दुकान दिलाने का लालच देकर फूलचंद को फर्जी नगर निगम के दस्तावेज दिए और उनसे 12 लाख रुपए की ठगी की। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।



