मुंशी पुलिया चौराहा या अतिक्रमण का अड्डा?

ओवरब्रिज के नीचे अवैध पार्किंग और ठेलों-काउंटरों का मकड़जाल, चंद कदमों पर चौकियां फिर भी जिम्मेदार बेखबर
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। गाजीपुर इलाके का प्रमुख मुंशी पुलिया चौराहा इन दिनों यातायात व्यवस्था और अतिक्रमण की बदहाली का उदाहरण बनता नजर आ रहा है। चौराहे के ओवरब्रिज के नीचे जगह-जगह वाहनों की पार्किंग, ठेले और अस्थायी काउंटरों के चलते सड़क किनारे का बड़ा हिस्सा घिरा हुआ दिखाई देता है। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर यह स्थिति बनी हुई है, वहीं ओवरब्रिज के नीचे ट्रैफिक चौकी मौजूद है और करीब 50 मीटर की दूरी पर मुंशी पुलिया पुलिस चौकी भी है।
इसके बावजूद अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग को लेकर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। वहीं चौराहे पर वाहनों के खड़े होने और ठेले-काउंटरों के फैलाव से आने-जाने वाले लोगों को कई बार रास्ता तलाशना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण बढ़ने से चौराहे की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और व्यस्त समय में परेशानी और बढ़ जाती है। इसके अलावा अतिक्रमण हटाने और सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है।
इसके बावजूद मुंशी पुलिया जैसे प्रमुख और व्यस्त चौराहे पर लंबे समय से बनी इस स्थिति को लेकर नगर निगम और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जिम्मेदार विभाग मुंशी पुलिया चौराहे को अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से मुक्त कराने के लिए कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर राहगीरों की परेशानी यूं ही जारी रहती है।



