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मनप्रीत सिंह बोले- संभवत: मेरा आखिरी विश्व कप, इसे यादगार बनाने की कोशिश करूंगा  

एम्स्टेलवीन। भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह अपने संभावित आखिरी विश्व कप को यादगार बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे। दो बार ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे मनप्रीत ने कहा कि वह इस प्रतिष्ठित…

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मनप्रीत सिंह बोले- संभवत: मेरा आखिरी विश्व कप, इसे यादगार बनाने की कोशिश करूंगा  

एम्स्टेलवीन। भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह अपने संभावित आखिरी विश्व कप को यादगार बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे। दो बार ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे मनप्रीत ने कहा कि वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत को 51 साल बाद विश्व कप खिताब दिलाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।मनप्रीत चौथी बार विश्व कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनका कहना है कि इस बार का टूर्नामेंट उनके लिए बेहद खास है, क्योंकि भारत 1975 में हासिल की गई अपनी एकमात्र विश्व कप खिताबी सफलता के बाद एक और ट्रॉफी जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगा।

 

मनप्रीत ने ‘जियोस्टार’ से बातचीत में कहा कि यह विश्व कप उनके लिए काफी मायने रखता है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने लगातार दो ओलंपिक में पदक हासिल किए हैं, लेकिन विश्व कप में पदक जीतने का सपना अभी पूरा नहीं हुआ है। हर खिलाड़ी ओलंपिक और विश्व कप दोनों में पदक जीतना चाहता है और उनकी कोशिश भी इस बार उसी लक्ष्य को हासिल करने की होगी।उन्होंने कहा, यह मेरा आखिरी विश्व कप हो सकता है, इसलिए मैं इसी सोच के साथ टूर्नामेंट में उतर रहा हूं। मैं उस उपलब्धि को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं, जिसे भारतीय टीम अब तक हासिल नहीं कर सकी है। हमें भावनाओं पर नियंत्रण रखना होगा, अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए निर्धारित भूमिका निभानी होगी और पूरे अनुशासन के साथ खेलना होगा। यही तरीका हमें खिताब जीतने का सबसे बेहतर मौका देगा।

 

बेल्जियम और नीदरलैंड 15 से 30 अगस्त तक इस प्रतिष्ठित विश्व कप की मेजबानी कर रहे हैं। मनप्रीत का मानना है कि भारतीय टीम के पास खिताब जीतने के लिए जरूरी अनुभव और प्रतिभा दोनों मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि टीम ने टूर्नामेंट के लिए अच्छी तैयारी की है और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी काफी ऊंचा है।उन्होंने कहा, ‘‘हमने ओलंपिक में पदक जीते हैं और अब विश्व कप में भी खिताब जीतने का समय आ गया है। टीम के अंदर जीत का विश्वास है। हम अपनी तैयारियों पर ध्यान दे रहे हैं और हर खिलाड़ी प्रशिक्षण सत्र में अपना शत-प्रतिशत योगदान दे रहा है।

 

मनप्रीत को भरोसा है कि भारतीय टीम विश्व कप के फाइनल तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी तैयारियों में जुटी है और सभी खिलाड़ी एक-दूसरे का सहयोग करते हुए सामूहिक लक्ष्य हासिल करने के लिए मेहनत कर रहे हैं।भारत को विश्व कप के पूल डी में वेल्स, इंग्लैंड और चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के साथ रखा गया है। भारतीय टीम शनिवार को वेल्स के खिलाफ मुकाबले से अपने अभियान की शुरुआत करेगी।

 

मनप्रीत ने कहा कि भारतीय टीम अपने किसी भी प्रतिद्वंद्वी की प्रतिष्ठा से प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला हो या किसी अन्य टीम के खिलाफ, भारत अपनी रणनीति और खेल की शैली पर ही ध्यान केंद्रित करेगा।उन्होंने कहा, हम पाकिस्तान के खिलाफ खेलें या किसी दूसरी टीम के सामने, हमारा ध्यान अपनी रणनीति पर रहता है। हम प्रतिद्वंद्वी के नाम या उसकी प्रतिष्ठा को लेकर दबाव में नहीं आते। हमें अपने खेल पर भरोसा रखना होगा।

 

अनुभवी मिडफील्डर ने टीम गेम के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हॉकी एक सामूहिक खेल है और किसी एक खिलाड़ी के अकेले सब कुछ करने की कोशिश करने से टीम को नुकसान हो सकता है। ऐसे में सभी खिलाड़ियों के बीच आपसी भरोसा और बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है।मनप्रीत ने कहा, ‘‘हॉकी टीम गेम है। अगर कोई एक खिलाड़ी अकेले सब कुछ करने की कोशिश करेगा तो इससे पूरी टीम प्रभावित हो सकती है। हमें एक-दूसरे पर विश्वास करना होगा और एक इकाई के रूप में खेलना होगा। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत होगी और इसी के दम पर हम विश्व कप में अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।’’