उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को लेकर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। जापान और सिंगापुर की प्रमुख कंपनियां राज्य में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की तैयारी कर रही हैं। निवेश की संभावनाओं का आकलन करने के लिए दोनों देशों की बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जल्द ही उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे।
उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जापान और सिंगापुर की कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के विभिन्न शहरों का दौरा कर निवेश के अवसरों की तलाश करेगा। ये कंपनियां विशेष रूप से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में प्रस्तावित जापान सिटी और सिंगापुर सिटी परियोजनाओं में निवेश को लेकर रुचि दिखा रही हैं।
सैकड़ों विदेशी सीईओ करेंगे यूपी का दौरा
जानकारी के मुताबिक, सिंगापुर से करीब 140 कंपनियों के सीईओ और जापान से लगभग 200 कंपनियों के सीईओ उत्तर प्रदेश आएंगे। उनका कार्यक्रम आगरा, लखनऊ और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों का दौरा कर विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं का अध्ययन करना है।
सिंगापुर की कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल 7 से 10 जुलाई के बीच उत्तर प्रदेश पहुंच सकता है, जबकि जापानी कंपनियों का दल 18 से 22 अगस्त के बीच राज्य का दौरा करेगा।
सीएम योगी के विदेश दौरे का दिख रहा असर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से जापान और सिंगापुर का दौरा किया था। इस दौरान सिंगापुर में 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से जुड़े कई समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे। वहीं, राज्य को करीब 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए थे।
ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स पर जापान का फोकस
जापानी कंपनियां उत्तर प्रदेश में ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं। वहीं, सिंगापुर की कंपनियां शहरी विकास, डेटा सेंटर, थीम टाउनशिप और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में रुचि दिखा रही हैं।
ये हैं प्रमुख निवेश प्रस्ताव
- सिंगापुर का यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप प्रदेश में लगभग 6,650 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है।
- नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट 100 एकड़ क्षेत्र में 3,500 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक थीम टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव है।
- कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में 650 करोड़ रुपये के निवेश से एक विशेष पार्क विकसित किया जा सकता है।
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा में करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने की भी योजना है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि इन निवेश प्रस्तावों से रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।










