लंबित मांगों को लेकर लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

-12 अक्टूबर को रक्तदान शिविर, 14 को मुजफ्फरनगर में रैली और 17 अक्टूबर को संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी
पायनियर समाचार सेवा, खतौली। लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ का आंदोलन लगातार जारी है। शनिवार को खतौली कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस के दौरान लेखपालों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। लेखपालों ने शासन से लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग उठाई। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील खतौली उपशाखा के पदाधिकारियों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर तीन अक्टूबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया था। संघ का कहना है कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन लगातार बढ़ते कार्यभार और संसाधनों की कमी के कारण उन्हें अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पदोन्नति में देरी, वेतन विसंगतियों का समाधान नहीं होना और अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी लगाए जाने से लेखपालों में नाराजगी है।संघ ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, किसान कल्याण, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन, पैमाइश, नामांतरण और वरासत सहित विभिन्न सरकारी कार्यों की जिम्मेदारी लेखपालों पर रहती है। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। लेखपाल संघ ने पिछले 10 वर्षों से लंबित 2800 ग्रेड पे की मांग और वेतन विसंगतियों को दूर करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पदाधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में शासन को पहले भी कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन मांग अब तक लंबित है। शनिवार को कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। लेखपाल अनंत कुमार ने बताया कि मांगों के समर्थन में आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर को रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 14 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर में रैली निकाली जाएगी, जबकि 17 अक्टूबर को संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में अनंत कुमार, अनिरुद्ध कुमार, अमित राणा, शालिनी शर्मा, प्रीति, सोनी गौतम, प्रदीप कुमार, विपिन मोतला, कमल कांत, नरेश विश्नोई सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे।



