नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही बाधित रही और दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजकर 10 मिनट पर ही बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष के हंगामे के बीच ही सदन ने उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रावधान वाला विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिया। सरकार ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 और बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 भी पेश किए। बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता का उल्लेख किया और उन्हें बधाई दी। इसके बाद जब उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराया तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे।
बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, मुझे लगता है कि आप नियोजित तरीके से सदन नहीं चलाना चाहते। प्रश्नकाल महत्वपूर्ण होता है। कृपया प्रश्नकाल चलने दें। शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष ने बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही। विपक्ष के हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किए। सदन में हंगामा नहीं थमने पर पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कुछ मिनट बाद ही कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की बैठक अपराह्न दो बजे शुरू हुई तो कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। इसमें उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश समेत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रावधान है। इस दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहे थे।
पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने हंगामा कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर बैठने का आग्रह करते हुए उनसे विधेयक पर चर्चा में भाग लेने को कहा, लेकिन सदन में हंगामा नहीं थमा। सदन ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही ध्वनिमत से बिना चर्चा के विधेयक को पारित कर दिया। इसके बाद हंगामा नहीं थमने पर तेन्नेटी ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। संसद के मानसून सत्र की शुरूआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण आज लगातार 11वें दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके।










