गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मोंडड़ के निर्देश पर बुधवार को महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला श्रम बंधु, बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति, जिला टास्क फोर्स (बाल श्रम) और जनपद स्तरीय बंधुआ श्रम सतर्कता समिति की बैठक हुई। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ज्योति मौर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिला श्रम बंधु की बैठक में एडीएम ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों की लागत से काटे गए एक प्रतिशत सेस का विवरण निर्धारित प्रारूप में श्रम विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण स्थलों पर कार्यरत सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने को कहा, जिससे पात्र श्रमिकों को सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।
उप श्रम आयुक्त ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 2013 अधिष्ठानों का पंजीयन, 7070 श्रमिकों का पंजीयन और 228 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 69,96,191 रुपये का लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में भी 391 श्रमिकों का पंजीयन कराया गया है।
एडीएम ने अधिकारियों को निमार्णाधीन साइटों पर नियमित कैंप लगाने, श्रमिक अड्डों और कलेक्ट्रेट परिसर में योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए बैनर और होर्डिंग लगाने तथा प्राधिकरणों और ठेकेदारों की बैठकों में श्रम विभाग के अधिकारियों को शामिल करने के निर्देश दिए।
98 किशोर श्रमिक चिन्हित
बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 85 निरीक्षण किए गए, जिनमें 98 किशोर श्रमिक चिन्हित हुए। बाल एवं किशोर श्रमिकों को नियोजित करने वाले 56 सेवायोजकों के खिलाफ न्यायालय में अभियोजन दायर किया गया। इनमें से 11 सेवायोजकों पर न्यायालय ने कुल 27,500 रुपये का जुमार्ना लगाया। एडीएम ने बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में सघन अभियान चलाने और चिन्हित बाल श्रमिकों के परिवारों के आर्थिक पुनर्वास के लिए उनकी जानकारी संबंधित विभागों को भेजने के निर्देश दिए।
बंधुआ मजदूरी के 20 मामले लंबित
बैठक में बताया गया कि गाजियाबाद में बंधुआ श्रम से संबंधित 20 समरी ट्रायल वाद निर्णय के लिए लंबित हैं। इनमें मोदीनगर तहसील के 16, सदर तहसील के 3 और लोनी तहसील का एक मामला शामिल है। एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को उपजिलाधिकारियों से समन्वय कर इन मामलों का जल्द निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में बंधुआ श्रम कराए जाने से जुड़े मामलों पर कड़ी नजर रखी जाए और कोई भी प्रकरण सामने आने पर नियमानुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।