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सांप के डसने से मासूम की मौत, पिता गंभीर, एंटी-वेनम न देने का आरोप

शामली। थानाभवन क्षेत्र में गुरुवार देर रात बिस्तर पर सो रहे पिता-पुत्र को जहरीले सांप ने डस लिया। सर्पदंश से तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई, जबकि उसके पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के…

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सांप के डसने से मासूम की मौत, पिता गंभीर, एंटी-वेनम न देने का आरोप
शामली। थानाभवन क्षेत्र में गुरुवार देर रात बिस्तर पर सो रहे पिता-पुत्र को जहरीले सांप ने डस लिया। सर्पदंश से तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई, जबकि उसके पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों पर समय से एंटी-वेनम नहीं लगाने का आरोप लगाया है। हालांकि, चिकित्सकों की ओर से आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। थानाभवन क्षेत्र के गांव भैसानी इस्लामपुर निवासी जावेद पुत्र लिल्ला अपने परिवार के साथ नगर पंचायत कार्यालय के पास स्थित एक कॉलोनी में रहते हैं। वह लेबर ठेकेदार हैं। परिवार में पत्नी हासरुन, बेटियां अलिफसा (8) और मिज्बा (6) तथा तीन वर्षीय बेटा शाहवेज था। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार रात करीब तीन बजे जावेद अपने बेटे शाहवेज के साथ बिस्तर पर सो रहे थे। इसी दौरान जहरीला सांप बिस्तर पर चढ़ गया और दोनों को डस लिया। बच्चे के रोने पर जावेद को पहले लगा कि वह नींद में डर गया है। कुछ देर बाद बिस्तर पर सांप दिखाई देने पर सर्पदंश की जानकारी हुई। इसके बाद परिजन दोनों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थानाभवन पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि सीएचसी पहुंचने के बाद उन्होंने चिकित्सकों को सर्पदंश की जानकारी दी और एंटी-वेनम लगाने का आग्रह किया, लेकिन उपचार में देरी की गई। उनका कहना है कि एंटी-वेनम को लेकर उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान बच्चे की हालत बिगड़ती चली गई। बताया गया कि सांप ने जावेद को जांघ के पास, जबकि शाहवेज को कमर के पास डसा था। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद परिजन बच्चे को घर ले गए। हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, पिता जावेद की हालत गंभीर बताई जा रही है। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कराने और उपचार में लापरवाही के आरोपों की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। चिकित्सकों का पक्ष सामने आने के बाद ही एंटी-वेनम दिए जाने और उपचार में हुई देरी के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।