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स्टोन क्रेशरों की हड़ताल लंबी खिंची तो मजदूरों पर आएगा रोजी-रोटी का संकट

बेहट। स्टोन क्रेशर एसोसिएशन की हड़ताल के चलते घर क्षेत्र में हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। तहसील क्षेत्र में खनन मुख्य कार्य है, जिससे हजारों मजदूर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। खनन विभाग की कार्रवाई…

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स्टोन क्रेशरों की हड़ताल लंबी खिंची तो मजदूरों पर आएगा रोजी-रोटी का संकट

बेहट। स्टोन क्रेशर एसोसिएशन की हड़ताल के चलते घर क्षेत्र में हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
तहसील क्षेत्र में खनन मुख्य कार्य है, जिससे हजारों मजदूर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। खनन विभाग की कार्रवाई के विरोध में एसोसिएशन ने 15 सितंबर से पूर्ण हड़ताल शुरू कर दी है। एसोसिएशन का आरोप है कि खनन विभाग स्टोन क्रेशर मालिकों का उत्पीड़न कर रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन क्रेशरों पर पहले जुर्माना लगाया जा चुका है, उन पर दोबारा जुर्माना लगाया जा रहा है, जो नियम विरुद्ध है। विभाग न्यायालय के आदेश का भी पालन नहीं कर रहा है। एसोसिएशन अध्यक्ष प्रदीप राणा ने बताया कि खनन विभाग द्वारा ड्रोन से कराए गए सर्वे को भी विभाग मानने को तैयार नहीं है। इसके विरोध में एसोसिएशन ने हड़ताल की है। उन्होंने कहा कि क्रेशर मालिक एक ही माल पर दो बार जुर्माना नहीं देंगे। इसके विरोध में 18 सितंबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
यदि हड़ताल लंबी चली तो खनन से जुड़े कारोबारी, मजदूर, होटल व्यवसायी और दुकानदारों पर भारी असर पड़ेगा। पूर्व में भी खनन जोन बंद रहने से मजदूर भुखमरी के कगार पर आ गए थे।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि हड़ताल लंबी खिंची तो मजदूर दाने-दाने को तरस जाएंगे। लोगों ने जिलाधिकारी से घाड़ क्षेत्र की समस्या को देखते हुए हड़ताल खत्म कराने की मांग की है, ताकि गरीबों को मजदूरी मिलती रहे।