तमंचा और कारतूस बरामद, सीसीटीवी फुटेज व सीडीआर से आरोपियों तक पहुंची पुलिस, एक ने थाने में किया आत्मसमर्पण
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। मलिहाबाद के ढेढ़ेमऊ में फोटो कॉपी कराने गए बीमा एजेंट को गोली मारकर घायल करने के मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी ने थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण किया, जबकि दो आरोपियों को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, गत 11 सितंबर की शाम करीब सात बजे सैफलपुर, काकोरी निवासी एलआईसी एजेंट समेंद्र कुमार यादव ढेढ़ेमऊ स्थित दुर्गेश जनसेवा केंद्र पर जरूरी दस्तावेजों की फोटो कॉपी कराने पहुंचे थे।

इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई। गोली आंख के पास से सिर को छूती हुई गर्दन में जा धंसी थी। घायल समेंद्र को इलाज के लिए केजीएमयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के दौरान गर्दन में फंसा छर्रा निकाल दिया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद समेंद्र के भाई नरेंद्र की तहरीर पर मलिहाबाद थाने में पांच नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की।
पुलिस के मुताबिक नामजद आरोपी अभय यादव उर्फ छोटू निवासी तिलसुवा ने गत 15 सितंबर मंगलवार को मलिहाबाद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार अभय घरेलू कामकाज के साथ आम के मौसम में आढ़त का काम करता है। इसके बाद पुलिस ने घटना में साथ देने के आरोप में अंकुश यादव उर्फ मौत और कालाचीता उर्फ वैभव निवासी तिलसुवा को मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे मोहान रोड स्थित घोला तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ में पुलिस को घटना के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई।
पुलिस के अनुसार, गत 24 मई को तिलसुवा निवासी रूपांशी की मौत के मामले में उसके मायके पक्ष के लोग उसके पति सुधीर निवासी भुलभुला खेड़ा और बहनोई समेंद्र को जिम्मेदार मानते थे। इस मामले में पुलिस ने पति सुशील को दहेज हत्या के आरोप में जेल भेजा था। गिरफ्तार आरोपियों के मुताबिक समेंद्र इस मामले में पैरवी कर रहा था। इसी रंजिश के चलते समेंद्र को निशाना बनाने की साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार कालाचीता उर्फ वैभव और अंकुश यादव उर्फ मौत लखनऊ में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं।
पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक मामले में गत 14 सितंबर को एक बाल अपचारी ने भी अपने पिता के साथ मलिहाबाद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। वह पिता के साथ खेती-किसानी में हाथ बंटाता था। तलाशी में उसके पास से एक अवैध असलहा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। वहीं मामले में नामजद महेंद्र, जोगिंदर और नरेंद्र निवासी तिलसुवा अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।