गुरु पूर्णिमा 2026: सीएम योगी ने लिखी ‘पाती’, बताया गुरु का महत्व; शिक्षकों के सम्मान और कल्याण पर सरकार की प्राथमिकता दोहराई

लखनऊ: गुरु पूर्णिमा 2026 के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर आधारित एक भावपूर्ण संदेश जारी किया। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने गुरु को केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाला मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा श्रद्धा, सम्मान, कृतज्ञता और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व है, जो भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त बनाता है।

गुरु पूर्णिमा का बताया धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व महर्षि वेदव्यास की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न धार्मिक परंपराओं में भी इस पर्व का विशेष महत्व है।मुख्यमंत्री के अनुसार, बौद्ध परंपरा में गुरु पूर्णिमा भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश और धर्मचक्र प्रवर्तन की स्मृति का दिवस है, जबकि जैन परंपरा में इसका संबंध गौतम स्वामी के ज्ञान-दीक्षा प्रसंग से जुड़ा है। वहीं सिख परंपरा में भी गुरु-वाणी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि सभी परंपराओं में यह पर्व गुरु, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।

श्रीराम और श्रीकृष्ण का उदाहरण दिया

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति के आदर्श उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ से शिक्षा प्राप्त की, जबकि भगवान श्रीकृष्ण ने गुरु सांदीपनि के सान्निध्य में ज्ञान अर्जित किया। उन्होंने कहा कि गुरु का सम्मान करने वाला समाज ही प्रगति और समृद्धि की ओर बढ़ता है।सीएम योगी ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और जीवन के सही मार्ग का भी बोध कराते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में गुरुजनों के आदर्शों को अपनाने का प्रयास करना चाहिए।

शिक्षकों के सम्मान को बताया सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।उन्होंने जानकारी दी कि इस योजना के तहत लगभग 60 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रितों को लाभ प्रदान किया जा रहा है। साथ ही 7.5 लाख से अधिक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षकों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है।इसके अलावा सरकार की ओर से शिक्षकों और कर्मचारियों को ₹3 करोड़ तक का सामाजिक सुरक्षा बीमा कवर भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

गुरु सम्मान से विकसित समाज का निर्माण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश के अंत में कहा कि गुरु का सम्मान ही विकसित समाज और विकसित प्रदेश की आधारशिला है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करें तथा उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने विश्वास जताया कि गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत बनाकर समाज में ज्ञान, संस्कार और नैतिक मूल्यों का विस्तार किया जा सकता है।

 

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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