घाघरा नदी का जलस्तर घटा, कटान की आशंकाएं तेज
किसान परेशान है जिला प्रशासन से नदी के कटान को रोकने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं

गोण्डा। जिले में घाघरा नदी का जलस्तर रविवार की सुबह 8 बजे खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर नीचे आ गया। जिससे गांवों और घरों से बाढ़ का पानी कम होने लगा है। दोनों तहसीलों के कई गांव व लोगों के घरों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। अभी भी लगभग 15 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित है।
तेजी से घटते नदी के जलस्तर के कारण जहां एक तरफ बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम होने लगीं थीं, किन्तु वहीं दूसरी तरफ तटीय इलाकों में नदी की कटान तेज होने से ग्रामीणों की मुश्किलें जस की तस बन गई हैं।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के दत्तनगर, बाणी माझा में नदी अब काफी तेजी से कटान करके किसानों की धान, गन्ने के साथ-साथ अन्य फसल और जमीन को भी अपने आगोश में ले रही है। किसान यहां के लगातार परेशान है जिला प्रशासन से नदी के कटान को रोकने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं।
बीते 24 घंटे में करीब 10 बीघा से अधिक किसानों की फसल को नदी अपने आगोश में ले चुकी है। मजबूरन किसान खेतों में खड़ी फसल काटकर अपने पशुओं को खिलाने के लिए विवश हैं।
तरबगंज और कर्नलगंज तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित 30 गांव में से 25 गांव से बाढ़ का पानी पूरी तरीके से खत्म हो गया है। फिर भी यहां काफी कीचड़ होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतें हो रही हैं। साथ ही यहां पर संक्रामक बीमारियां फैलने का डर भी ग्रामीणों में व्याप्त हो चला है।
जिला पंचायत राज विभाग द्वारा यहां पर साफ सफाई कराया जा रहा है, स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कैंप लगाकर लोगों को दवाइयां दी जा रही हैं। वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा पशुओं का इलाज किया जा रहा है। जिला आपदा विशेष राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि धीरे-धीरे मुश्किलें लोगों की कम हो रही है नदी काफी घट गई है। कुछ गांव एकदम निचले हिस्से में वह प्रभावित है उन्हें लगातार लंच पैकेट दिया जा रहा है। बाढ़ प्रभावितों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दिया जाएगा।



