नॉटिंघम। भारतीय टी20 टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने इंग्लैंड दौरे पर टीम के निराशाजनक प्रदर्शन को स्वीकार करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों से सजी नई टीम अभी पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है और वह ब्रिटेन की परिस्थितियों तथा पिचों के अनुरूप खुद को ढालने में सफल नहीं रही। उन्होंने कहा कि यदि टीम ने हालात को बेहतर तरीके से समझा होता तो लगातार चार मैच नहीं गंवाने पड़ते।
मंगलवार को तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में इंग्लैंड ने भारत को 125 रन से हराया, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय में रनों के लिहाज से भारत की अब तक की सबसे बड़ी हार है। इस हार के साथ भारत पांच मैचों की श्रृंखला में 0-2 से पिछड़ गया। इससे पहले पिछले महीने भारतीय टीम को पहली बार आयरलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला में भी हार का सामना करना पड़ा था।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा, हम अच्छा क्रिकेट नहीं खेले। टी20 विश्व कप फाइनल खेलने वाली टीम में काफी बदलाव हुए हैं। चाहे कप्तान हो या सलामी बल्लेबाज, टीम में अब हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी नहीं हैं। जब आप टीम का पुनर्गठन करते हैं तो उसमें समय लगता है।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पारी की शुरुआत कर रहे हैं, प्रिंस यादव अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे हैं और हर्षित राणा चोट के बाद वापसी कर रहे हैं। ऐसे में केवल नतीजों के आधार पर टीम का आकलन करना उचित नहीं होगा।
गंभीर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिणाम महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन व्यावहारिक दृष्टिकोण भी जरूरी है। उन्होंने कहा, कभी-कभी विपक्षी टीम आपसे बेहतर खेलती है और कभी-कभी आप परिस्थितियों को सही तरह से नहीं समझ पाते। आयरलैंड के बाद से हम यही गलती कर रहे हैं। हम हालात के अनुसार खुद को ढाल नहीं पाए हैं। अगर हमने बेहतर तरीके से अनुकूलन किया होता तो लगातार चार मैच नहीं हारते।
उन्होंने कहा कि नई टीम को अपनी भूमिकाओं में ढलने के लिए समय देना होगा। जब टीम को नए सिरे से तैयार किया जाता है तो ऐसे परिणाम सामने आ सकते हैं। खिलाड़ियों को विकसित होने का मौका देना जरूरी है। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने से युवा खिलाड़ियों को सीखने का अवसर मिलेगा और धीरे-धीरे टीम मजबूत होगी।
तीसरे टी20 में भारतीय टीम महज 76 रन पर सिमट गई। जोफ्रा आर्चर और जोश टंग की अगुआई वाले इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को टिकने का मौका नहीं दिया। इस पर गंभीर ने स्वीकार किया कि तेज गेंदबाजी के खिलाफ टीम को बेहतर रणनीति अपनानी होगी।
उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि इंग्लैंड अगले मैचों में क्या करेगा, लेकिन हमें निश्चित रूप से तेज गेंदबाजी के खिलाफ बेहतर खेलना होगा। पिछले दो मैचों में हमने करीब 190 रन बनाए थे। जब आप आक्रामक क्रिकेट खेलते हैं तो कभी-कभी ऐसा दिन भी आता है।
गंभीर ने मैच की परिस्थितियों को समझने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट में हवा की दिशा, मैदान के दोनों छोर का आकार और अन्य छोटी-छोटी परिस्थितियां भी बड़ा अंतर पैदा करती हैं। “सिर्फ कौशल ही नहीं, खेल की परिस्थितियों को समझना भी उतना ही जरूरी है। यही छोटी बातें मैच का परिणाम बदल सकती हैं।
हालांकि उन्होंने युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की जमकर सराहना की। प्रिंस ने अपने दूसरे ही टी20 अंतरराष्ट्रीय में 30 रन देकर दो विकेट हासिल किए। गंभीर ने कहा, सिर्फ आंकड़ों को मत देखिए। उन्होंने पावरप्ले, बीच के मुश्किल ओवरों और डेथ ओवरों में गेंदबाजी की। दूसरे ही टी20 मैच में ऐसा प्रदर्शन बताता है कि उनका भविष्य बेहद उज्ज्वल है। मुझे उम्मीद है कि वह लगातार मेहनत करेंगे और भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण गेंदबाज बनेंगे।