-सोमवार को स्वाइन फ्लू के दो नए मामले मिले, बीके अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार, निजी अस्पतालों को गाइडलाइन जारी
पायनियर समाचार सेवा। फरीदाबाद
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को स्वाइन फ्लू के दो नए मामलों की पुष्टि की। इसके साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू मरीजों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। वहीं डेंगू का भी एक नया मामला सामने आने के बाद मरीजों की संख्या सात पहुंच गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
सोमवार को सामने आए दोनों स्वाइन फ्लू मरीजों का एनआईटी क्षेत्र स्थित निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दोनों मरीजों को अचानक ठंड लगने के साथ तेज बुखार आया था। करीब दो दिन तक घर पर उपचार लेने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और सांस लेने में परेशानी हुई। इसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की सलाह पर स्वाइन फ्लू की जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई।
संपर्क में आए लोगों की निगरानी शुरू
स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू कर दी है। विभाग की टीमें संपर्क में आए लोगों की निगरानी कर रही हैं। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
निजी अस्पतालों को निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को स्वाइन फ्लू को लेकर सरकारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी है। अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य विभाग को सूचना दिए बिना किसी मरीज को स्वाइन फ्लू घोषित न करें और संदिग्ध मामलों की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएं। उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामभगत ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मामलों को ए, बी और सी श्रेणी में बांटा जाता है। उन्होंने कहा कि गंभीर श्रेणी यानी सी श्रेणी के मरीजों को विशेष उपचार की आवश्यकता होती है, जबकि अन्य श्रेणियों में सामान्य फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं।
आइसोलेशन वार्ड तैयार
डॉ. रामभगत ने बताया कि जिले में स्वाइन फ्लू के दो नए मामले सामने आए हैं और अब कुल संख्या चार हो गई है। चारों मरीज निजी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। बीके अस्पताल में छह बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी और समय पर उपचार से संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।