बिश्नोई की जगह तेज गेंदबाज को मिल सकती है जगह

भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टी20 मैच आज

नॉटिंघम। ब्रिटेन दौरे पर अब तक जीत का स्वाद चखने में नाकाम रही भारतीय टीम मंगलवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में संयोजन में बदलाव कर सकती है। कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में टीम प्रबंधन अतिरिक्त तेज गेंदबाज को अंतिम एकादश में शामिल करने पर विचार कर रहा है, जबकि लेग स्पिनर रवि बिश्नोई की जगह खतरे में दिखाई दे रही है। अय्यर की कप्तानी में भारत अब तक चार में से तीन मुकाबले हार चुका है। इनमें आयरलैंड के खिलाफ 0-2 की शर्मनाक श्रृंखला हार भी शामिल है। ऐसे में टीम के लिए तीसरा टी20 ‘करो या मरो’ जैसा मुकाबला बन गया है। मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 में बिश्नोई पूरी तरह लय से बाहर नजर आए। उन्होंने तीन ‘बैक-फुट नो-बॉल’ फेंकी और पारी के 17वें ओवर में 29 रन लुटाए।

                

चार ओवर में बिना विकेट लिए 60 रन खर्च करने के बाद उनकी टीम में जगह पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती पहले से मौजूद थे, तब ओल्ड ट्रैफर्ड की परिस्थितियों में तीसरे विशेषज्ञ स्पिनर की जरूरत नहीं थी। ट्रेंट ब्रिज की परिस्थितियों को देखते हुए बिश्नोई का अंतिम एकादश में शामिल होना मुश्किल माना जा रहा है। उनकी जगह तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है। स्विंग और पिच से अतिरिक्त हरकत हासिल करने की उनकी क्षमता उन्हें प्रसिद्ध कृष्णा से बेहतर विकल्प बनाती है, जिनकी ‘बैक-ऑफ-द-लेंथ’ गेंदें टी20 क्रिकेट में अपेक्षाकृत आसान साबित होती हैं।

तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पिछले मैच में शुरुआती ओवर में दो विकेट समेत कुल तीन विकेट झटके थे, लेकिन इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक द्वारा उनके एक ओवर में बनाए गए 27 रन भी भारत की हार का बड़ा कारण बने। इंग्लैंड ने 191 रन का लक्ष्य एक ओवर शेष रहते हासिल कर लिया था। ट्रेंट ब्रिज की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से एक बार फिर आक्रामक पारी की उम्मीद होगी। उनके साथ शानदार फॉर्म में चल रहे अभिषेक शर्मा भारतीय पारी की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। पिछले छह महीनों से आईपीएल समेत अधिकांश मुकाबले सपाट विकेटों पर खेलने वाली भारतीय बल्लेबाजी इकाई इंग्लैंड की अतिरिक्त उछाल, गेंद की हरकत और सैम कुरन जैसे गेंदबाजों की विविधताओं के सामने संघर्ष करती दिखी है।

कप्तान श्रेयस अय्यर और इशान किशन ने कुछ उपयोगी रन जरूर बनाए हैं, लेकिन दोनों ही यह स्वीकार करेंगे कि वे इंग्लैंड के गेंदबाजों पर पूरी तरह हावी नहीं हो सके। तिलक वर्मा ने पिछले मुकाबले में आखिरी ओवरों में छोटी लेकिन उपयोगी पारी खेली लेकिन टीम बीच के ओवरों में रन गति बनाये रखने में संघर्ष करती दिख रही है। धीमें गेंदबाजों और कुरन ने इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारत ने पिछले दोनों मुकाबलों में क्रमश: 189 और 190 रन बनाए, लेकिन दोनों बार यह स्कोर कम से कम 25 से 30 रन कम साबित हुआ। भारतीय बल्लेबाजों में केवल अभिषेक शर्मा ही अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली पर कायम रहे हैं।

उन्होंने दोनों मैचों में महज 24-24 गेंदों पर क्रमश: 59 और 43 रन बनाए। पदार्पण का दबाव पीछे छोड़ चुके वैभव सूर्यवंशी अब इंग्लैंड के गेंदबाजों पर खुलकर हमला करने की कोशिश करेंगे। इंग्लैंड के स्पिनर लियाम डॉसन, विल जैक्स और आदिल रशीद लगातार गेंद की गति कम रखकर भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर रहे हैं। दूसरी ओर, भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती टी20 विश्व कप के बाद से अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं और थोड़ी तेज गति से गेंदबाजी कर रहे हैं। भारत ने पिछली बार 2022 में ट्रेंट ब्रिज में टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। उस मैच में सूर्यकुमार यादव ने 48 गेंदों में शानदार शतक जड़ा था, लेकिन उनकी विस्फोटक पारी भी भारत को हार से नहीं बचा सकी।

 

 

 

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *