पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन से गत 15 जून को अगवा की गई पांच माह की मासूम बच्ची को जीआरपी चारबाग और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बच्चा चोरी, लूट-पाछ, जहरखुरानी तथा अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार चलाए जा रहे अभियान में पांच जुलाई को चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या आठ-नौ पर बाराबंकी साइड स्थित पीर मजार के पास से महिला को गिरफ्तार किया।
उसके कब्जे से अपहृत पांच माह की बच्ची को सकुशल बरामद किया। घटना गत 15 जून की है जब कर्नाटक से आया एक परिवार चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या आठ-नौ पर रुके हुए थे। इसी दौरान एक महिला परिवार से घुल-मिल गई। रात में भोजन के बाद परिवार सो गया। जहां देर रात करीब एक बजे जब परिजनों की आंख खुली तो उनकी पांच माह की बच्ची गायब थी। इसके बाद जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अभियुक्ता को गिरफ्तार कर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बच्ची के सकुशल मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली। इसके आलावा गिरफ्तार महिला की पहचान कासगंज जिले के पटियाली थाना क्षेत्र के बहोरा गांव निवासी 38 वर्षीय चन्दा देवी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके विरुद्ध थाना जीआरपी चारबाग में मुकदमा दर्ज करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस ने पुछताछ में बताया कि अभियुक्ता भीड़भाड़ वाले स्थानों, विशेषकर रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर यात्रियों से बातचीत कर उनका विश्वास जीतती थी। इसके आलावा मौका मिलते ही वह छोटे बच्चों का अपहरण कर उन्हें मुंबई, दिल्ली सहित अन्य शहरों में ले जाकर बेच देती थी। वहीं पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भी जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त टीम की तत्परता और पेशेवर कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि रेलवे स्टेशनों पर इस प्रकार के अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।










