एशियाई पैरा खेल: मोना अग्रवाल ने गोल्ड पर लगाया निशाना, अवनि लेखरा को मिला रजत
आखिरी शॉट तक चला रोमांचक मुकाबला, भारत ने जीते स्वर्ण और रजत पदक

नागोया। भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल ने शानदार वापसी करते हुए एशियाई पैरा खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1) स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में उन्होंने अपनी हमवतन और दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि लेखरा को महज 0.4 अंक से पीछे छोड़ दिया। अवनि को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दोनों खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन से भारत ने प्रतियोगिता में स्वर्ण और रजत पदक के साथ अपना खाता खोला।
पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना ने फाइनल में शुरुआती पिछड़ने के बावजूद बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 250.0 अंक हासिल कर एशियाई पैरा खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। वहीं, गत चैंपियन अवनि ने 249.6 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। दक्षिण कोरिया की युनरी ली 227.9 अंक लेकर कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।
आखिरी शॉट ने तय किया मुकाबले का नतीजा
24 शॉट के फाइनल में मोना और अवनि के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। निर्णायक शॉट से पहले अवनि 239.2 अंक के साथ मोना से 0.1 अंक आगे थीं। हालांकि, अंतिम शॉट में मोना ने 10.8 अंक हासिल किए, जबकि अवनि 10.5 अंक ही जुटा सकीं। इसी अंतर ने मुकाबले का परिणाम मोना के पक्ष में कर दिया और उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
फाइनल की शुरुआत में अवनि का दबदबा रहा। उन्होंने पहले शॉट में 10.8 अंक हासिल किए, जबकि मोना को 10.1 अंक मिले। शुरुआती पांच शॉट के बाद अवनि 53.2 अंक के साथ आगे थीं। अगले पांच शॉट के बाद उनकी बढ़त 104.8 अंक तक पहुंच गई, जबकि मोना 102.9 अंक के साथ छठे स्थान पर थीं। इसके बाद एलिमिनेशन चरण में मुकाबले की तस्वीर बदलने लगी। अवनि के कुछ शॉट अपेक्षाकृत कम स्कोर वाले रहे, जबकि मोना ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अंतर कम किया और अंततः बढ़त हासिल कर ली।
क्वालीफिकेशन में भी मोना रहीं अव्वल
मोना अग्रवाल ने क्वालीफिकेशन दौर में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 629.1 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया और एशियाई पैरा खेलों का क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। अवनि लेखरा 626.4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
जयपुर की दोनों निशानेबाजों के बीच यह मुकाबला भारतीय पैरा निशानेबाजी की मजबूती का प्रमाण बना। 38 वर्षीय मोना, जो दो बच्चों की मां हैं, ने दबाव के क्षणों में धैर्य और सटीक निशानेबाजी का परिचय दिया। वहीं, 24 वर्षीय अवनि ने भी रजत पदक जीतकर अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और उपलब्धि जोड़ी।
लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए भारत को दो कोटा
इस स्पर्धा में अवनि के रजत पदक के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल किया। इससे पहले मोना ने पिछले महीने विश्व निशानेबाजी पैरा स्पोर्ट चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर भारत के लिए एक कोटा स्थान सुनिश्चित किया था।एसएच1 वर्ग में निचले अंगों में दिव्यांगता वाले निशानेबाज प्रतिस्पर्धा करते हैं। मोना की शानदार वापसी और अवनि के निरंतर प्रदर्शन ने इस स्पर्धा को भारतीय दल के लिए यादगार बना दिया।



