एनएचएम संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं

-जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार, पंजीकरण से लेकर जांच तक बढ़ा इंतजार, आपातकालीन सेवाएं रहीं सुचारू
मुजफ्फरनगर। समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमितीकरण समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी गुरुवार से तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों की हड़ताल का असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई दिया। प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष ठाकुर मयंक प्रताप के आह्वान पर जिले के एनएचएम संविदा कर्मचारी आठ से 10 अक्तूबर तक हड़ताल पर हैं। आंदोलन के तहत कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर धरना देने का भी निर्णय लिया है। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित सेवाओं के संचालन पर असर पड़ा। गुरुवार को जिला अस्पताल में ओपीडी के बाहर मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें लगी रहीं। कमरा नंबर एक के बाहर भी मरीज अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। कर्मचारियों की कमी के कारण पंजीकरण, जांच और अन्य प्रक्रियाओं में मरीजों को अपेक्षाकृत अधिक समय लगा। इससे मरीजों और चिकित्सकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, राजकीय जिला महिला चिकित्सालय और स्वामी कल्याण देव पुरुष चिकित्सालय में तैनात एनएचएम संविदा कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे। वहीं, गंभीर मरीजों को राहत देने के लिए आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गईं। संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से एनएचएम के तहत सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कर्मचारियों ने नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति समेत अन्य मांगों को भी पूरा करने की मांग उठाई गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 12 अक्तूबर से प्रदेशभर के एनएचएम संविदा कर्मचारी लखनऊ में जुटकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। संगठन ने कहा है कि मांगों के समाधान में देरी से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले असर की जिम्मेदारी सरकार और शासन-प्रशासन की होगी। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द निर्णय लेकर आंदोलन समाप्त कराने की मांग की है।



